Representational Pic
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  • ओबीसी को न्याय दिलाने भाजपा ने किया प्रदर्शन

नागपुर. ओबीसी आरक्षण के रद्द होने का जिम्मेदार राज्य की उद्धव ठाकरे सरकार को बताते हुए भाजपा की ओर से संविधान चौक पर आंदोलन किया गया. शहर अध्यक्ष व विधायक प्रवीण दटके के नेतृत्व में हुए इस आंदोलन में कहा गया कि जब तक ओबीसी समाज को उनके हक का आरक्षण नहीं मिलता तब तक हम शांत नहीं बैठने वाले हैं. आंदोलन लगातार जारी रहेगा. आंदोलनकारियों ने महाविकास आाघाड़ी सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की. इस दौरान विधायक कृष्णा खोपड़े, ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष रमेश चोपड़े भी उपस्थित थे.

भाजपा नेता गोपीनाथ मुंडे की पुण्यतिथि निमित्त उनके छायाचित्र पर माल्यार्पण किया गया. उसके बाद राज्य सरकार के विरोध में आंदोलन किया गया. चोपड़े ने कहा कि मविआ ने स्थानीय निकाय संस्थाओं के आरक्षण के संदर्भ में बेहद लापरवाही की जिसके चलते यह स्थिति बन गई है कि अब ग्राम पंचायत, जिला परिषद, पंचायत समितियों आदि में ओबीसी को आरक्षण नहीं मिल पाएगा. ठाकरे सरकार की पुनर्विचार याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है. अब मराठा और ओबीसी की आरक्षण बाबत स्थिति एक जैसी हो गई है. यह मविआ की असफलता है.

सीएम ने नहीं दिया एक भी पत्र का जवाब

बीते 15 महीनों में विधानसभा विरोधी पक्ष नेता देवेन्द्र फडणवीस ने 5 से 7 बार मविआ सरकार को पत्र लिखकर हाई कोर्ट के आदेश की गंभीरता के बारे में ध्यान दिलाने का प्रयत्न किया. भाजपा ओबीसी मोर्चा की ओर से अनेक बार सीएम को पत्र लिखा गया लेकिन उन्होंने एक भी पत्र का जवाब नहीं दिया और न ही किसी तरह की कार्यवाही ही की गई. आंदोलनकर्ताओं ने चेतावनी दी कि सरकार अब भी ठोस कार्रवाई करे. अगर नहीं किया गया तो लाखों की संख्या में ओबीसी समाज सड़क पर उतरेगा. इसके अलावा कोई चारा भी नहीं है. बाबासाहब आंबेडकर द्वारा ओबीसी समाज को दिया गिया आरक्षण हम लेकर ही रहेंगे.

जिलाधिकारी के माध्यम से सीएम को निवेदन दिया गया. इस दौरान प्रकाश टेकाडे, घनश्याम खवले, नरेश बरडे, शंकरराव चौधरी, दशरथ मस्के, विनोद बांगडे, कमलेश चकोले, रामभाऊ आंबुलकर, उपमहापौर मनिषा धावडे, अविनाश ठाकरे, रविंद्र चव्हाण, भोजराज डुंभे, संजय अवचट, संजय चौधरी, नितीन गुडधे सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए.