No differences between coalition partners of Maharashtra government: Shiv Sena

  • मुख्यमंत्री ठाकरे ने की NMRDA की समीक्षा

नागपुर. शहर के विकास को लेकर लगातार दूसरे दिन राज्य सरकार ने यहां चल रहे प्रकल्पों को लेकर पूछ-परख की गई. गुरुवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने नागपुर महानगर विकास प्राधिकरण के कामों की समीक्षा की, जिसमें महानगर आयुक्त शीतल उगले ने प्राधिकरण के माध्यम से लगभग 1500 करोड़ के विकास कार्य जारी होने की जानकारी उजागर की, इस पर मुख्यमंत्री ने सभी विकास प्रकल्प निर्धारित समय के अनुसार समयावधि के भीतर पूरे करने की हिदायत प्राधिकरण को दी.

मुख्यमंत्री निवास वर्षा पर हुई बैठक में उप मुख्यमंत्री अजीत पवार, नगर विकास मंत्री एकनाथ शिंदे, पालक मंत्री नितिन राऊत, मुख्य सचिव संजय कुमार, अजोय मेहता, आशीष कुमार सिंह, प्रधान सचिव विकास खरगे, राजस्व विभाग के अपर मुख्य सचिव नितिन करीर, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज सौनिक, भूषण गगरानी, श्रीनिवासन आदि उपस्थित थे.

PM आवास योजना पूर्ण

चर्चा के दौरान उगले ने कहा कि प्राधिकरण के माध्यम से आर्थिक दुर्बल घटक के लोगों के लिए पीएम आवास योजना अंतर्गत फ्लैट स्कीम का निर्माण किया जा रहा था. जिसे अब पूरा किया जा चुका है. प्राधिकरण के अंतर्गत आनेवाले क्षेत्र में विकास के साथ ही सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि छात्राओं के लिए संत चोखामेला छत्रावास का भी निर्माण किया जा रहा है. मुख्यमंत्री का मानना था कि यदि सभी प्रकल्प समयावधि के भीतर पूरे होते हैं तो इसका लाभ जनता को मिल सकता है. अन्यथा प्रकल्पों में देरी होने पर कई तरह की समस्याएं उत्पन्न होती हैं. चर्चा के दौरान पुणे महानगर प्रादेशिक विकास प्राधिकरण के माध्यम से 960 करोड़ के बचत का बजट भी पेश किया गया. 

जमीनों के मूल्यांकन के लिए समिति

सूत्रों के अनुसार पुणे महानगर प्रादेशिक विकास प्राधिकरण के अंतर्गत आनेवाले प्रकल्पों के लिए आवश्यक जमीनों के मूल्यांकन के लिए समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है. यहां तक कि सामाजिक उत्तरदायित्व निधि में से प्रकल्प करने के लिए नियोजन करने के उद्देश्य से सुकाणु समिति का गठन करने का भी निर्णय लिया गया है.

पुणे की तर्ज पर नागपुर महानगर विकास प्राधिकरण के लिए भी निकट भविष्य में इसी तरह के निर्णय होने की जानकारी सूत्रों ने दी. सूत्रों के अनुसार महानगर प्राधिकरण ने बैठक में कुछ योजना की जानकारी तो उजागर की गई, किंतु प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में आनेवाले भूभाग को देखते हुए योजनाएं नाममात्र होने की जानकारी उजागर की गई.