Pintu Zalke

  • स्थायी समिति सभापति झलके ने किया उजागर
  • 999 करोड़ अबतक मनपा को मिले

नागपुर. राज्य में सत्ता परिवर्तन होने के बाद महानगर पालिका के सत्तापक्ष भाजपा की ओर से कई बार शहर के विकास में अडंगे डाले जाने के आरोप राज्य की आघाड़ी सरकार पर लगाए गए. अब विरोधी दल की सरकार होने के बावजूद कोरोना संकटकाल के बाद भी जीएसटी सहित प्रत्येक माह में अतिरिक्त 7 करोड़ रु. के अनुसार अप्रैल माह से हर महिने 100 करोड़ मनपा को मिलने की जानकारी स्थायी समिति सभापति पींटू झलके ने दी. इसके अलावा भी राज्य सरकार की ओर से अनुदान के रूप में 299 करोड़ रु. दिए जाने की जानकारी उन्होंने उजागर की. शुक्रवार को स्थायी समिति की मनपा में बैठक हुई. जिसमें कुछ विषयों पर चर्चा कर समिति की ओर से हरी झंडी प्रदान की गई है.

20 तक आनलाईन सभा में पेश करेंगे बजट

उल्लेखनीय है कि तत्कालीन आयुक्त मुंढे के कार्यकाल में सत्तापक्ष और विरोधी दल की ओर से कोरोना की त्रास्दी के बावजूद मनपा की सभा लेने की मांग की जाती रही है. आनलाइन सभा में कई तरह की परेशानियां होने का हवाला देते हुए रेशमबाग स्थित सुरेश भट सभागृह में पर्याप्त व्यवस्था होने का हवाला देते हुए सभा भी ली गई. किंतु अब शहर के विकास की दिशा और वित्तिय दशा को उजागर करनेवाले मनपा के आम बजट को आनलाईन सभा में रखने की कवायद अपनाई जा रही है. जिसके संकेत स्वयं स्थायी समिति सभापति झलके ने दिए. झलके ने कहा कि कोरोना से पहले 93.50 करोड़ का जीएसटी अनुदान प्राप्त होता था. कोरोना के कारण राज्य सरकार ने जीएसटी में कटौती की थी. 43.50 करोड़ की कटौती होने से केवल 50 करोड़ ही प्राप्त होता था. जिससे मनपा आर्थिक संकट में फंस गई थी. अब कटौती की गई निधि के साथ अतिरिक्त 7 करोड़ की वृद्धि सहित निधि दी गई है.

पिछली सरकार से अधिक निधि

उन्होंने कहा कि पिछली युति सरकार के कार्यकाल में 93 करोड़ जीएसटी अनुदान मिलता था. जबकि इस आघाड़ी की सरकार में अब 100 करोड़ प्रति माह दिया जा रहा है. कोरोना के संकटकाल के बावजूद मनपा को निधि मिलने से अब आम बजट पेश कर पाना आसान हो गया है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकर ने 4 मई को आदेश जारी किया था. जिसके अनुसार मनपा में कोई भी नए विकास कार्य करना संभव नहीं था. किंुत गत माह राज्य सरकार की ओर से पुन: नया आदेश जारी किया गया. जिसमें आर्थिक क्षमता के आधार पर कार्य करने की अनुमति दी गई है. जिससे गत 7 माह से अटके विकास कार्यों को गति मिलने की आशा भी उन्होंने जताई.