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  • करीब 100 लोगों को दिया जाएगा डोस

नागपुर. कोविड-१९ के नियंत्रण के लिए ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित की जा रही ‘कोविशिल्ड’ वैक्सिन का ट्रायल दुनियाभर में शुरू है. भारत में १७ केंद्रों पर किये जा रहे ट्रायल में शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय व अस्पताल का भी समावेश किया गया है. कुल 1६०० लोगों पर ट्रायल किया जाएगा. मेडिकल में ६० से 1०० स्वस्थ्य लोगों को टिका लगाया जाएगा. अगले दो दिन में क्लिनिकल ट्रायल शुरू किया जाएगा. ऑक्सफोर्ड युनिवर्सिटी में विकसित वैक्सिन की जांच के लिए पुणे की एक कंपनी को सरकार ने मान्यता दी है.

अब ट्रायल अंतिम चरण में पहुंच गया है. क्लिनिकल ट्रायल की जिम्मेदारी मेडिकल पल्मोनरी क्रिटिकल केअर मेडिसीन विभाग के प्रमुख डॉ. सुशांत मेश्राम को सौंपी गई है. अधिष्ठाता डा. सजल मित्रा, प्रभारी अधिष्ठाता डॉ. सुधीर गुप्ता के मार्गदर्शन में मेडिकल में मानव ट्रायल के लिए बनाए गये वैद्यकीय पथक में अधीक्षक डॉ. अविनाश गावंडे, डॉ. शिल्पा गुप्ता, डॉ. सुशांत मुले, डॉ. रवि यादव, डॉ. एलिना ॲलेक्झंडर का समावेश किया गया है.

अधिष्ठाता डा सजल मित्रा ने बताया कि सरकार ने मेडिकल का चयन किया है. 8 दिन पहले से इसके लिए अनुमति मिली है. प्रोटोकॉल के अनुसार ही ट्रायल की प्रक्रिया की तैयारी की गई है. दो दिन बाद पहला डोस दिया जाएगा. डा मेश्राम ने बताया कि आयसीएमआर के मापदंडों के अनुसार मेडिकल में वैक्सिन के ट्रायल की शुरूआत की जाएगी. वैक्सिन के वैश्विक स्तर पर अनुसांधन के लिए मेडिकल को अवसर मिलना प्रशंसनीय है.