Encroachment

  • कार्रवाई के दौरान सोशल डिस्टेन्सिंग की धज्जियां

नागपुर. कोरोना से निपटने की जिम्मेदारी निभा रही महानगर पालिका में ही प्रवर्तन विभाग के कर्मचारियों में कोरोना की दहशत फैली हुई है. विशेष रूप से कार्रवाई के दौरान अचानक जमा होनेवाली भीड़, सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन नहीं होने तथा मास्क लगाए बिना ही कई लोगों के जुट जाने के कारण कर्मचारियों के बाधित होने की प्रबल संभावना दस्ते के कई कर्मचारियों ने जताई.

कर्मचारियों का मानना था कि अनलाक की घोषणा के साथ ही मनपा की ओर से अतिक्रमण उन्मूलन कार्रवाई शुरू की गई. आलम यह है कि कहीं भी कार्रवाई के लिए जाने पर लोगों की भीड़ जमा हो जाती है. दस्ते के साथ पुलिस कर्मचारी कम होते हैं. जिनके खिलाफ कार्रवाई होती है, उनके विरोध से निपटने में पुलिस व्यस्त रहती है. ऐसे में जमा होनेवाले आसपास के लोगों से निपटना मुश्किल होता है. कई बार कार्रवाई के दौरान लोगों के सम्पर्क में आना होता है.

तो कार्यालय भी अछूता नहीं
सूत्रों के अनुसार मनपा प्रवर्तन विभाग में नियुक्ति तीनों टीमों के कर्मचारी और अन्य प्रशासकीय कर्मचारियों को मिलाकर 100 के करीब कर्मचारी है. कार्रवाई के बाद वापस कार्यालय लौटने पर विभाग के कक्ष में भारी भीड़ लग जाती है. शहर के विभिन्न हिस्से का चक्कर लगाकर पहुंचे टीम के कर्मचारियों द्वारा भले ही एहतियात बरती जाती हो, लेकिन पूरे दिन भर एकदूसरे के सम्पर्क में आने से कोरोना के संक्रमण का भय बना रहता है. यदि किसी क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान कोरोना की बाधा हुई, तो विभाग का कार्यालय भी इससे अछूता नहीं रहेगा. वैसे भी अब लगातार कोरोना मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है. अत: इस संदर्भ में उचित निर्णय लेने की आवश्यकता है.

एक वाहन में 20-20 कर्मचारी
सूत्रों के अनुसार मनपा के अतिक्रमण उन्मूलन विभाग में कार्रवाई के लिए 3 टीम बनाई गई है. प्रत्येक टीम में 15 से 20 कर्मचारियों को शामिल किया गया है. प्रतिदिन कार्रवाई के दौरान प्रत्येक टीम को मनपा के वाहन से घटनास्थल पर पहुंचाने की व्यवस्था की जाती है. आलम यह है कि एक छोटे से वाहन मे 15 से 20 कर्मचारियों को बिना सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन किए भेजा जा रहा है. यहां तक कि पूरे शहर में कोरोना का फैलाव होने के बावजूद आवासिय क्षेत्रों में कर्मचारियों के जाने से कोरोना से बाधित होने का डर सता रहा है. विशेषत: हाल ही में सिटी के हाटस्पाट सतरंजीपुरा जोन अंतर्गत आनेवाले नाईक तालाब बांगलादेश परिसर में कार्रवाई के लिए टीम को भेजा गया था.