In Pardi Chowk unfinished project becomes headache, double flyover, citizens upset due to incomplete work of Metro

    नागपुर. पारडी में बन रहे उड़ान पुल ने लोगों की मुसीबत बढ़ा दी है. अब भी काम पूरा नहीं हुआ है. चौक पर मिट्टी और गिट्टी की वजह से अक्सर वाहन चालकों की मुसीबतें बढ़ जाती है. वहीं वाठोड़ा की ओर आने पर भी अधूरा निर्माण कार्य होने से घंटों जाम जैसी स्थिति बन जाती है. बारिश के दिनों में समस्या गंभीर हो जाएगी. इस हालत में दुर्घटना की संभावना और बढ़ जाएगी. प्रशासनिक लापरवाही का ही नतीजा है कि अब तक पारडी का पुल पूरा नहीं हो सका है.

    पारडी में चौक से लेकर कलमना मार्केट की ओर पुल का काम लगभग पूरा हो गया है लेकिन लैंडिंग पाइंट अब भी अधूरा है. नीचे दोनों ओर सीमेंट रोड बनने से वाहन चालकों को राहत मिली है. लेकिन चौक से पारडी की ओर जाने पर अब भी दिक्कत है. सबसे बड़ी परेशानी चौक से वर्धमान नगर की जाने पर होती है. चौक पर दोनों ओर से यातायात नहीं है.

    इस हालत में मार्केट की ओर से आने वाले वाहनों को घुम कर टर्न होना पड़ता है. यहां जरा सी लापरवाही जान पर बन सकती है क्योंकि टर्निंग पर गड्ढा हो गया है. इन दिनों बारिश का पानी जमा होने से दोपहिया वाहन चालक हादसे के शिकार हो रहे हैं. वहीं कई बार कार भी फंस जाती है. सबसे अधिक दिक्कत रात के वक्त हो रही है.

    सर्विस रोड पर लंबी कतार 

    रेलवे क्रॉसिंग से वाठोड़ा की ओर जाते वक्त पुल का काम अब तक पूरा नहीं हो हुआ है. दोनों ओर बनी सर्विस रोड की चौड़ाई कम होने से अक्सर वाहन की लंबा कतार लग जाती है. निर्माण कार्य में लगे मिक्सर दिनभर आना-जाना करते हैं. इस वजह से भांडेवाडी चौक तक वाहनों की कतार लग जाती है. इस 100 मीटर के मार्ग को पार करने में कई बार आधा घंट लग जाता है. इस बारिश में भी यही समस्या बनी रहेगी. तेज बारिश होने पर निर्माण कार्य पर एक बार फिर ब्रेक लग जाएगा.

    वैसे भी कोरोना की वजह से पिछले कई महीनों तक काम की धीमी गति बनी रही. अब ठेकेदार के लिए बारिश भी बहाना बन जाएगी. परिसर के नागरिक पिछले 3-4 वर्षो से परेशान हो गये हैं. इतना ही नहीं अच्छी सड़क और पुल पर आवागमन करने से पहले ही कई लोग अपने हाथ-पैर भी तुड़वा चुके हैं. ठेकेदार की मनमानी इस कदर हावी है कि अधिकारियों की भी नहीं सुनते.

     प्रशासनिक लापरवाही की हदें पार 

    पारडी चौक पर स्थिति बेहद गंभीर है.मिट्टी निकलने की वजह से चौक पर बारिश होते ही वाहन फिसलने लगते है. मार्केट की ओर अक्सर भारी वाहनों की आवाजाही लगी रहती है. इस हालत में कई बार छोटे वाहन चपेट में आ जाते हैं. इस चौक पर हर आये दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं. अब तो स्थिति यह है कि ट्रैफिक पुलिस के खड़े रहने के लिए भी जगह नहीं रह गई है.

    सुबह के वक्त पुलिस कर्मचारी ऑटो सहित अन्य वाहनों पर कार्रवाई करत नजर आते हैं लेकिन ट्रैफिक को सुचारू बनाने के लिए कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है. यही वजह है कि जनता की समस्या की ओर से नजरअंदाज किया जा रहा है.