ST BUS

  • बसों की टाइमिंग तय नहीं, यात्री परेशान

नागपुर. एसटी की 90 प्रतिशत बसें अब चलनी शुरू हो गई है. लेकिन बसों की टाइमिंग को लेकर अभी भी यात्रियों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है. समय कंफर्म नहीं होने से यात्री किस वक्त बस स्टैंड पहुंचे उन्हें काफी कंफ्यूजन है. ऐसे में बस स्टैंड पर पहुंचे यात्रियों ने बताया कि कई बसों को पुराने टाइमिंग से चलाया जा रहा है लेकिन कई बसें बिना टाइमिंग के छोड़ दी जा रही है. जिससे असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है. सोमवार को भी एसटी बस स्टैंड से यात्रा करने वाले कई यात्री बसों के इंतजार करते हुए नजर आए. पूछने पर बताया कि बसों की टाइमिंग थी. लेकिन अब तक बसें प्लेटफॉर्म नहीं पहुंची है. ऐसा ही अन्य रूटों पर जाने वाली बसों यात्रियों के लिए साथ भी हुआ. बसों की टाइमिंग नहीं होने के कारण इस तरह की समस्या यात्रियों के सामने आ रही है.

कई बसों के समय में परिवर्तन

यात्रियों का कहना हैं कि एसटी बस स्टैंड से चलने वाली लगभग हर बस 15 से 25 मिनट की देरी से चल रही है. वहीं जिन बसों में यात्रियों की संख्या कम होती है उसे और ज्यादा लेट किया जाता है. बसों को भरने के बाद ही उसे रवाना किया जा रहा है. यात्रियों का कहना है कि कम यात्री वाली बसों को ज्यादा लेट से भेजा जाता है. वहीं एसटी से चलने वाली काफी बसों की टाइमिंग को रीशेड्यूलिंग करने की भी मांग हो रही है. ताकि यात्रियों को बसों की सही जानकारी हो सकें. 

यात्री भरने पर छोड़ रहे बस

वहीं एसटी बस स्टैंड के कंडक्टर ने बताया कि बसों की टाइमिंग फिलहाल पुरानी टाइमिंग के हिसाब से ही चल रही है. लेकिन अभी यात्री की संख्या अधिक होने पर बसों को बना कर भेज देते हैं. यात्री नहीं होने पर इंतजार करते हैं. टाइमिंग को लेकर अभी कोई स्पष्ट आदेश नहीं है. लेकिन किसी भी जगह पर जाने के लिए एसटी से बसें आसानी से उपलब्ध हो जा रही है. यात्रियों की संख्या पर ही सब निर्भर करता है. 

प्लेटफॉर्म भी कुछ तय नहीं

बसों की टाइमिंग के अलावा एसटी बस स्टैंड में बसों के खड़े होने वाले प्लेटफॉर्म भी तय नहीं है. प्लेटफॉर्म पर एनाउंस होने वाली बसों को भी  प्लेटफॉर्म  के बाहर खड़ी की जा रही है. ड्राइवर खाली जगह देखकर कहीं पर भी बसों को खड़ी कर रहे हैं, जिससे यात्रियों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. ज्यादतर यात्रियों को बसों के बारे में स्टाफ से बार-बार पूछताछ करनी पड़ती है. तब कहीं जाकर उन्हें बस मिलती है.