Nagpur ST Bus Stand

  • मजदूरों और बाहरी प्रवासियों के अलावा अन्य यात्री नहीं निकल रहे बाहर

नागपुर. कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण यात्रियों की संख्या में काफी कम आई है. बाहर जाने वाले मजदूरों और प्रवासियों को छोड़ दिया जाए तो लोग अब यात्रा करने से परहेज करने लगे हैं. यह अच्छी बात है कि लोग खुद ही बेवजह घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं. एसटी बस स्टैंड पर यात्रियों की संख्या 50 प्रतिशत से घट कर अब 30 प्रतिशत तक आ पहुंची है. किसी भी बस में 25 से 30 प्रतिशत से ज्यादा यात्री नहीं है. प्रशासन ने गाइडलाइन में बसों के अंदर सिर्फ 50 प्रतिशत यात्रियों को ही बैठने की अनुमति प्रदान की थी, लेकिन एसटी के पास 50 प्रतिशत यात्री भी नहीं हो पा रहे हैं. हर बस में सिर्फ 10 से 12 यात्री ही यात्रा कर रहे हैं. जहां एसटी में रोजाना 12 से 15 हजार यात्री यात्रा करने पहुंचते थे, तो अब वहीं इनकी संख्या सिर्फ 2 से 3 हजार ही रह गई है.

किलोमीटर घटकर 18,000 आ पहुंचा

एसटी की दूरी अब धीरे-धीरे कम होने लगी है. एक समय था जब एसटी की बसें 47,000 किलो मीटर तक चलती थी. लेकिन कोरोना काल के बाद से ही एसटी वापस पटरी पर नहीं लौट सका है. बीच में कुछ स्थिति सामान्य होने के बाद एसटी 37,000 किलोमीटर तक दौड़ने लगी थी, लेकिन इसके बाद लॉकडाउन लगने के कारण अब एसटी सिर्फ 18,000 किलोमीटर ही चल रही है. वहीं एसटी की कमाई भी अब रोजाना सिर्फ 5 से 6 लाख ही रह गई है. जो पहले 14 से 15 लाख हुआ करती थी.

शुक्रवार को चलीं 500 फेरियां

लॉकडाउन के पांचवें दिन एसटी बस स्टैंड गणेशपेठ से 1,135 बसों की फेरियों में से सिर्फ 500 फेरियां ही चलीं. लॉकडाउन के कारण बसों की फेरियां भी काफी कम होते जा रही है. लॉकडाउन के पहले दिन से जहां 725, 670, 569 फेरियां चली हैं तो वहीं शुक्रवार को बसों की फेरियां 500 चलीं. वहीं बाकी बस स्टैंड पर बसों की 400 से 450 फेरियां ही चल रही हैं.

21 मार्च से MP नहीं जाएगी ST

कोरोना को देखते हुए महाराष्ट्र की बसों को मध्य प्रदेश में प्रवेश पर रोक लगा दी है. एसटी बस स्टैंड मैनेजर अनिल आमनेरकर का कहना है कि कोरोना के कारण पहले ही छिंदवाड़ा और इंदौर की बसें बंद हो चुकी हैं. अब 21 मार्च से मध्यप्रदेश में भी बसों पर रोक लगा दी गई है. इससे एसटी की मुश्किलें और बढ़ने वाली है. वहीं सबसे ज्यादा समस्या मजदूरों को होगी. हम बसों में सभी सुरक्षा के मानकों का उपयोग कर रहे हैं. सभी तरह के दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा है.