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  • नकली हस्ताक्षर, नकली गवाह बनाये

नागपुर. तहसील थानातंर्गत स्टेट बैंक के रिटायर्ड कर्मचारी और उसके रिश्तेदारों को फर्जी कागजात बनाकर प्लॉट बेचने का मामला प्रकाश में आया है. आरोपियों ने सभी से कुल 74,25,000 रुपये की रकम ली. आरोपियों में स्वावलंबीनगर, पूनम विहार निवासी जयंत प्रभाकर झांबरे और भुसावल निवासी शैलेश किरण सातपुते समेत चित्रा विजय बाकरे, एक अज्ञात महिला के अलावा उन्हें मदद करने वाले अन्य के नाम शामिल किये गये हैं.

प्राप्त जानकारी के अनुसार जागनाथ बुधवारी निवासी अशेाक महादेव धकाते (66) इतवारी स्थित स्टेट बैंक शाखा में नौकरी करते थे. उन्हें किसी अज्ञात महिला को कॉल आया. उसने अशोक से कहा कि वे प्लॉट खरीदी में रुचि रखते है तो उन्हें सस्ते दामों में उपलब्ध कराय जा सकता है. अशोक द्वारा पूछताछ करने पर उक्त महिला ने जयंत और शैलेष से उनकी मुलाकात कराई.

दूसरे की जमीन को बताया अपनी

जयंत और शैलेष ने अशोक को अपने झांसे में लिया और रिश्तेदारों को भी प्लॉट दिलाने पर रियायत की बात की. उन्होंने अशेाक के भतीजे प्रशांत केशव धकाते, उनकी पत्नी रोहिणी प्रशांत धकाते और दामाद अरविंद नारायण कुंभारे को भी आसानी से प्लॉट दिलाने का झांसा दिया. इसके बाद उन्होंने दूसरे नाम की जमीन के फर्जी कागजात और सील की मदद से अपने नाम बताया.

इस दौरान उन्होंने शैलेष किरण सातपुते और चित्रा विजय बाकरे नाम से 2 फर्जी गवाह खड़े कर नकली कागजात बनाये और अशोक को मौजा दाभा में प्लॉट 109 की सेल डीड बना दी. वहीं, मौजा हरपुर, रमना मारोती में प्लॉट 15 का एग्रीमेंट टू सेल और दाभा में अलग-अलग जगह 4 प्लॉट के फर्जी दस्तावेज बनाकर दे दिये. इसी प्रकार आरोपियों ने अशोक के भतीजे प्रशांत को दाभा और उनके दामाद को मौजा सोमलवाड़ा में प्लॉट के नकली कागजात तैयार कर एग्रीमेंट टू सेल बना दिये. इस प्रकार आरोपियों ने सभी से कुल 74,25,000 रुपये की रकम वसूली. 

CP से की शिकायत

अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चलते ही अशोक और बाकी लोगों ने शहर पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार के समक्ष अपनी परेशानी रखी. सीपी अमितेश कुमार ने तुरंत आर्थिक अपराध शाखा को शिकायत पर प्राथमिक जांच करने को कहा. जांच में अशोक के आरोप सही साबित हुई. इसके बाद तहसील पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया. जांच जारी है.