PM केयर फंड : केंद्र ने फिर मांगा समय

  • अब 16 को पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई

नागपुर. कोरोना की महामारी देशभर में फैलने के बाद इससे निपटने के लिए निधि जुटाने पीएम केयर फंड की केंद्र सरकार की ओर से घोषणा की गई. केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के अंतर्गत 28 मार्च 2020 को इसके लिए ट्रस्ट की घोषणा तो की, किंतु नियमों के अनुसार अब तक 3 प्रमुख बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की नियुक्तियां नहीं होने को लेकर अधि. अरविंद वाघमारे ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की. हालांकि, याचिका पर सुनवाई के बाद हाई कोर्ट की ओर से 27 अगस्त 2020 को ही याचिका निरस्त कर दी गई थी. किंतु याचिकाकर्ता की ओर से पुन: पुनर्विचार याचिका दायर की गई. जिस पर सोमवार को सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से समय मांगे जाने के बाद अदालत ने 16 दिसंबर तक के लिए सुनवाई स्थगित कर दी.

राजनीति से प्रेरित याचिका

केंद्र सरकार की ओर से पैरवी कर रहे अधि. सिंह ने गत सुनवाई के दौरान कहा था कि याचिकाकर्ता ने पीएम केयर फंड को पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट करार देकर इसमें 3 पदों पर देश के प्रमुख विपक्षी दल के सदस्यों को नियुक्त करने का अनुरोध किया है, जिससे प्रथमदर्शी याचिका पूरी तरह राजनीति से प्रेरित दिखाई दे रही है. उन्होंने कहा कि ट्रस्ट में कौन रहेगा या कौन नहीं रहेगा. यह सुनिश्चित करने का अधिकार याचिकाकर्ता को नहीं है. याचिकाकर्ता को कोई भी अधिकार नहीं है. याचिकाकर्ता की ओर से अधि. अरविंद वाघमारे और केंद्र सरकार की ओर से असि. सालिसिटर जनरल उल्हास औरंगाबादकर ने पैरवी की.