Nagpur Mayor Dayashankar Tiwari

  • महापौर के निर्देशों पर म्हाडा व्यवस्थापन को जारी किया नोटिस
  • 300 मजदूर कर रहे थे निर्माण कार्य
  • 06 लोग पाए गए थे पॉजिटिव

नागपुर. रविवार को गुजरवाड़ी परिसर में निर्माणाधीन म्हाडा कॉलोनी में उस समय अजीबोगरीब घटना उजागर हो गई, जब कोरोना बाधित खुले आम घूमने की सूचना मिलते ही महापौर दयाशंकर तिवारी ने अधिकारियों के साथ यहां पर दस्तक दी. आलम यह रहा कि छानबीन करने पर जो मजदूर पॉजिटिव पाए गए थे. उनमें से कुछ यूपी और मध्य प्रदेश स्थित अपने गांव चले जाने का खुलासा होने से पूरा महकमा सकते में आ गया है.

महापौर ने शीघ्र ही म्हाडा प्रशासन को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए. साथ ही शीघ्र प्रभाव से स्पष्टीकरण मंगाने के भी निर्देश दिए. बताया जाता है कि गुजरवाड़ी परिसर में म्हाडा की ओर से कॉलोनी का निर्माण कराया जा रहा है. जहां पर दूसरे प्रदेशों के मजदूरों द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा है. निर्माण कार्य में लगभग 300 मजदूर जुटे हुए हैं.

विभाग ने लगाया था विशेष जांच शिविर

म्हाडा कॉलोनी के निर्माणस्थल पर 300 मजदूरों के कार्यरत होने तथा कोरोना के लगातार बढ़ते प्रकोप को देखते हुए मनपा के स्वास्थ्य विभाग की ओर से यहां पर विशेष जांच शिविर लिया गया था. जिसमें से 6 मजदूर पॉजिटिव पाए गए थे. इन 6 मजदूरों को पुन: जांच कराने के निर्देश देकर होम क्वारंटाइन होने की सलाह भी दी गई थी. लेकिन पॉजिटिव मरीज मास्क का उपयोग किए बिना ही कॉटन मार्केट, गणेशपेठ और गुजरवाड़ी जैसे परिसर में खुले आम घूम रहे थे. जिसकी भनक लगते ही महापौर दयाशंकर तिवारी, स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय जोशी, डॉ.पोवाने तुरंत ही एनडीएस और आरआरटी टीम के साथ यहां पहुंचे . कार्यस्थल पर किसी तरह से भी कोरोना नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था. अधिकांश मजदूर बिना मास्क ही काम कर रहे थे.

तो हो जाएंगे सुपर स्प्रेडर

कार्यस्थल पहुंचते ही जिम्मेदार म्हाडा के अधिकारियों की जानकारी ली गई. किंतु व्यवस्थापन के कोई भी अधिकारी या कर्मचारी वहां पर उपस्थित नहीं थे. फोन पर हुई चर्चा में अधिकारियों ने लेबर कॉन्ट्रैक्टर पर जिम्मेदारी थोपकर फोन भी बंद कर दिया. जिसके बाद महापौर ने लेबर कॉन्ट्रैक्टर को फोन कर बुलाने की हिदायत दी. लेबर कॉन्ट्रैक्टर ने 15 मिनट के भीतर पहुंचने का आश्वासन देकर स्वयं भी फोन बंद कर दिया. काफी देर तक चली आपाधापी में कुछ समय पश्चात अधिकारी वहां पर पहुंच गए. जिसके बाद 6 पॉजिटिव मजदूरों में से केवल 2 ही पॉजिटिव उपस्थित रहने की जानकारी उजागर हुई. जबकि 4 मजदूर अन्य के साथ मिलकर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश स्थित अपने गांव जाने का भी मामला उजागर हुआ.

माना जा रहा है कि जिस ट्रेन से पॉजिटिव अपने गांव तक पहुंचे होंगे, उन्होंने सुपर स्प्रेडर का काम किया होगा. म्हाडा व्यवस्थापन की इस लापरवाह कार्यप्रणाली के कारण अब सोमवार तक जवाब देने का नोटिस जारी किया गया. रिपोर्ट आने के बाद न केवल जुर्माना बल्कि पुलिस कार्रवाई करने के भी निर्देश महापौर ने दिए.