Preity's bank accounts started to be investigated, police custody extended till 20

  • लाखों रुपये गए तो गए कहां?

नागपुर. हाईप्रोफाइल ठग प्रीति दास के पकड़े जाने के बाद तरह-तरह की जानकारियां सामने आ रही है. बताया जाता है कि पुलिस स्टेशन में सेटिंग का काम करने के अलावा प्रीति ने अपनी संस्था के नाम पर भी शहर के प्रतिष्ठित नागरिकों से डोनेशन जमा करती थी. खुदको सामाजिक कार्यकर्ता बताकर उसने जमकर माया जमाई है, लेकिन आश्चर्य की बात ये है कि अब तक उसके पास से कुछ भी पुलिस को नहीं मिला. ऐसे में लाखों रुपये गए तो कहां गए यह सवाल खड़ा हो रहा है. 1-2 नहीं कई दर्जन लोग प्रीति का शिकार हुए है. ऐसे में अब पुलिस उसकी संस्था की भी जांच कर रही है.

बताया जाता है कि प्रीति ने आधार अपंग विकास संस्था शुरु की थी. इस संस्था के माध्यम से वह बड़े व्यापारियों और राजनेताओं से डोनेशन लेती थी. जबकि ये संस्था अधिकृत रूप से रजिस्टर्ड न होने की जानकारी पुलिस को मिली है. इसीलिए पुलिस ने धर्मदाय आयुक्त कार्यालय को पत्र लिखकर उसकी संस्थाओं का रिकार्ड मांगा है. अब प्रीति के खिलाफ बोगस संस्था के नाम पर वसूली करने का भी मामला दर्ज किया जा सकता है.

प्रीति ने लोगों को ब्लैकमेल कर जमा की गई रकम का आखिर किया क्या यह पता लगाना जरूरी है. इसी बीच जानकारी मिली है कि प्रीति शहर में एक फैशन शो आयोजित करने का प्लान बना रही थी. शहर की बड़ी होटल में कार्यक्रम आयोजित किया जाना था. इस शो के माध्यम से वह व्यापारियों से संपर्क बढ़ाने वाली थी. कई संपन्न परिवारों की महिलाओं को भी जोड़ने का प्रयास था.