सम्पत्ति कर : “850 करोड़ का है बकाया

  • सरकारी विभागों पर 109 करोड़
  • 600 करोड़ पुराना बकाया

नागपुर. मनपा के सर्वाधिक आय के स्रोत में सम्पत्ति कर की वसूली के लिए भले ही हर समय स्थायी समिति सभापति की ओर से विशेष ध्यान देने की वकालत होती रही हो, लेकिन अब तक किसी भी सभापति को लक्ष्य को पार कर पाना संभव नहीं हुआ है. यहीं कारण है कि सम्पत्ति कर में 600 करोड़ का पुराना बकाया चल रहा है. यहां तक कि अब यदि इस वित्तीय वर्ष में सम्पत्ति कर से होनेवाली 250 करोड़ की आय जोड़ दी जाए, तो यह आंकड़ा 850 करोड़ होने की जानकारी स्थायी समिति सभापति पींटू झलके ने दी. उन्होंने कहा कि आलम यह है कि सरकारी विभागों पर भी मनपा का 109 करोड़ का बकाया चल रहा है. बकाया काफी अधिक होने के कारण ही पुन: एक बार अभय योजना लाने की आवश्यकता पड़ी है. अत: अब इस योजना का लाभ लेकर बकाया अदा करने की अपील झलके और मनपा आयुक्त राधाकृष्णन.बी ने की.

अब तक 128.76 करोड़ की हुई है आय

सम्पत्ति कर विभाग के प्रमुख सहायक आयुक्त मिलिंद मेश्राम ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष में भले ही सम्पत्ति कर से 250 करोड़ की आय होने का लक्ष्य रखा गया हो, किंतु वास्तविक रूप में 223 करोड़ की आय होने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि 14 दिसंबर तक सम्पत्ति कर से मनपा को 128.76 करोड़ की आय हो पाई है. जिसमें 40 करोड़ रु. बकाया में से वसूली हुई है. जबकि 85 करोड़ इस वित्तीय वर्ष की सम्पत्ति कर से प्राप्त हुए हैं. इसके अलावा 3.76 करोड़ बकाया पर लगे जुर्माना में से वसूली हुई है. 

सुलभ ऑनलाइन प्रक्रिया

अभय योजना की जानकारी देते हुए मनपा आयुक्त राधाकृष्णन.बी ने कहा कि योजना को सफल बनाने के लिए मनपा प्रशासन पूरी तरह तैयार है. प्रत्येक जोन कार्यालय में 2 कर भुगतान केंद्र शुरू किए गए हैं. इसके अलावा ऑनलाइन पद्धति से अदा कर सकते हैं. मनपा के अधिकृत संकेत स्थल पर कुछ मिनटों में ही कर अदा किया जा सकेगा. इसके लिए किसी भी तरह का बैंक शुल्क भी नहीं लगेगा. नियमित कर अदा करनेवालों को उनके कर में 4 प्रतिशत की छुट देने की योजना पहले से चल रही है. 

4,38,481 कुल बकायादार

63,844 बकायादारों से 40 करोड़ वसूल

3,74,637 सम्पत्ति धारकों पर 560 करोड़ का बकाया

5,70,000 कुल सम्पत्ति धारक

6,35,995 सम्पत्ति धारकों का जीआईएस डाटा

5,31,822 कुल इमारतें

1,04,173 कुल खुले भूखंड