Sadar Flyover, Lockdown, Nagpur

    नागपुर. लॉकडाउन को लेकर प्रशासन की नाकामी का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है. लॉकडाउन कोई अंतिम रास्ता नहीं है. आखिर प्रशासन ने बाजारों में सड़कों पर उमड़ रही भीड़ को कम करने क्या कदम उठाये. मनपा के कर्मचारी दूकानों पर जाकर चालान बना रहे हैं लेकिन इन्हीं दूकानों के सामने फुटपाथों की भीड़ को नजरअंदाज करते रहे हैं. सीताबर्डी, इतवारी, महल जैसे क्षेत्रों में फुटपाथों की दूकानों पर बेतहाशा भीड़ नजर आती रही लेकिन इन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई. कोरोना को खुला निमंत्रण दे रही इस भीड़ पर प्रशासन का कोई नियंत्रण नहीं है. प्रशासन को ये भी नहीं समझ आ रहा है कि लॉकडाउन में जनसामान्य को किन तकलीफ़ों का सामना करना पड़ रहा है. केवल बैठे-बैठे आदेश निकालने से कुछ नहीं होगा.

    फ्लाईओवर बंद तुघलकी फैसला

    प्रशासन ने अजीबोगरीब आदेश निकाल कर शहर के फ्लाईओवरों पर आवाजाही बंद करवा दी. जनता जानना चाहती कि क्या कोरोना ने फोन कर बताया कि मैं फ्लाई ओवर पर विचरण कर रहा हूं. नागरिकों का कहना है कि यह तुघलकी फैसला है. उत्तर और दक्षिण नागपुर को जोड़ने वाले पांचपावली फ्लाईओवर को बंद करने से हाहाकार मच गया है. जरीपटका, इंदोरा, पांचपावली आदि क्षेत्र के नागरिकों को अगर मेडिकल कॉलेज जाना है तो वे क्या करें. पुलिया के नीचे के रास्ते के हालात सभी जानते हैं. फिर सदर क्षेत्र से घूमकर जाने क्या हालत होगी, अंदाजा लगाया जा सकता है.

    मेडिकल कालेज ही नहीं बल्कि गांधीबाग, सेंट्रल एवेन्यू, महल, रेशमबाग, सक्करदरा आदि क्षेत्रों के लिए एकमात्र पांचपावली फ्लाईओवर का ही सहारा है. आखिर प्रशासन जनता की कौनसी परीक्षा ले रहा है. पिछले लॉकडाउन के दर्द से लोग संभल नहीं पाये हैं. कोरोना से लडाई में जनसामान्य प्रशासन के साथ है. प्रशासन तमाम जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों को विश्वास में लेकर कदम उठाए तो बात बन सकती है. निश्चित रूप केवल लॉकडाउन कोरोना से जंग का पर्याय नहीं है.