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  • भारतीय यात्री केंद्र ने CM से की मांग

नागपुर. नागपुर समेत पूरे महाराष्ट्र में तेजी से कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही हैं. रोजाना करीब 7,000 लोग कोरोना से संक्रमित हो रहे हैं. ऐसे में अस्पतालों में मरीजों के लिए बेड की व्यवस्था नहीं हो पा रही हैं. उन्हें खुद की व्यवस्था करनी पड़ रही है. गंभीर मरीज अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ रहे हैं. बेड की कमी के कारण मरीजों का सही ढंग से इलाज नहीं हो पा रहा है. ऐसे में सबसे ज्यादा क्वारंटाइन सेंटर की जरूरत है. इसे देखते हुए भारतीय यात्री केंद्र के सचिव बसंत कुमार शुक्ला ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से ट्रेन के कोचेस को क्वारंटाइन सेंटर में बदलने की मांग की है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में मुंबई, ठाणे, पुणे, नासिक, नागपुर जैसे शहरों में कोविड संक्रमण में तेजी देखी जा रही है. ऐसे में मरीजों के लिए अस्पतालों में जगह की कमी है. इसके मद्देनजर रेलवे ट्रेन के कोचेस को मरीजों के उपचार के लिए इस्तेमाल कर सकता है.

अस्पतालों में नहीं मिल पा रहे बेड

शुक्ला ने सीएम ठाकरे को बताया कि नागपुर समेत इन शहरों में सबसे ज्यादा खराब स्थिति है. समय पर मरीजों को अस्पताल में बेड नहीं मिल पा रहे हैं. एक बेड पर दो से ज्यादा मरीजों को भी रखने की मजबूरी विभाग के सामने आ रही है. इससे मरीजों को तकलीफ तो हो ही रही है, साथ ही उनकी जान तक जा रही है. रिकवरी रेट भी तेजी से गिर रहा है. ऐसे में मरीजों को सही समय पर उपचार की जरूरत है. 

रेलवे से करें चर्चा

बसंत शुक्ला ने कहा कि बेड की कमी को देखते हुए रेलवे के अधिकारियों से इस सुझाव पर बात करने की जरूरत है. मुंबई में मध्य रेलवे और पश्चिम रेलवे है और नागपुर में मध्य रेलवे और दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे दोनों है. इन दोनों ही रेलवे के अधिकारियों से बात कर मरीजों के लिए रेलवे के कोचेस को क्वारंटाइन सेंटर बनाया जा सकता है. ताकि मरीजों को राहत मिल सके.  

सुझाव पर विचार करने की जरूरत

भारतीय यात्री केंद्र ने सीएम से इस सुझाव पर विचार करने कहा है. पदाधिकारियों का मानना है कि वे अभी रेलवे के अधिकारियों से चर्चा कर समाधान निकालेंगे तो मरीजों को सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा. इसलिए उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि राज्य और समाज की बेहतरी के लिए जल्द से जल्द कोई फैसला लें, ताकि मरीजों को सही समय पर उपचार मिल सके.