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    • आयुक्त ने पेश किया 2,608 करोड़ का बजट

    नागपुर. कोरोना की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद बुधवार को मनपा आयुक्त राधाकृष्णन.बी ने जहां वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए 2,608 करोड़ का प्रस्तावित बजट दिया. वहीं, वित्तीय वर्ष 2020-21 के आम बजट में 297 करोड़ की कटौती करते हुए 2,433 करोड़ का सुधारित बजट पेश किया.

    बजट में आयुक्त की ओर से स्पष्ट रूप से कोरोना के चलते मनपा पर वित्तीय संकट का उल्लेख कर वर्तमान वित्तीय वर्ष में नए कामों को बड़े पैमाने पर शुरू न कर, प्रलंबित वित्तीय दायित्व को कम करने के संकेत दिए. यहां तक कि मनपा पर प्रलंबित दायित्व कम करने में अच्छी सफलता हासिल होने की जानकारी भी उजागर की. मनपा की आय बढ़ाने के उद्देश्य से किसी तरह के करों में तो वृद्धि नहीं की गई और न ही नए काम शुरू करने के संकेत बजट में दिए गए हैं.

    कर से आय का बढ़ा दायरा

    आयुक्त ने स्पष्ट किया कि कर भले ही न बढ़ा हो, लेकिन कर की परिधि में अधिकांश सम्पत्तियों को लाकर आय बढ़ाने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा. निजी एजेंसी द्वारा सम्पत्तियों को कर निर्धारण के दायरें में लाया जा रहा है. जिओ इनेबल डेटा कलेक्ट करने से पहले कर के दायरे में केवल 5.40 सम्पत्तियां थीं. जबकि वर्तमान में 6.36 लाख सम्पत्तियां कर के दायरें में होगी. लगभग 1 लाख सम्पत्तियां बढ़ने से सम्पत्ति कर के माध्यम से निश्चित ही आय बढ़ने से इंकार नहीं किया जा सकता है. आयुक्त ने स्पष्ट किया कि गत वित्तीय वर्ष में जिन कार्यों के कार्यादेश दिए गए हैं, ऐसे 364 करोड़ के कामों को इस वित्तीय वर्ष में पूरा किया जाएगा. 

    खर्च में कटौती का प्रयास

    • मनपा आयुक्त ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में स्थायी समिति सभापति द्वारा दिए गए बजट की तुलना में खर्च में कई जगह पर कटौती की है. 
    • यहां तक कि आस्थापना खर्च में भी कटौती कर खर्च पर अनुशासन लाने के स्पष्ट संकेत दिए. तत्कालीन सभापति के बजट में 638.49 करोड़ का आस्थापना खर्च दिया गया था. जबकि आयुक्त के बजट में आस्थापना पर 519.16 करोड़ खर्च होने की संभावना जताई गई.
    • तत्कालीन सभापति के आम बजट में दुरूस्ती पर कुल 439.19 करोड़ खर्च होने की आशा जताई गई थी. जबकि मनपा आयुक्त ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के प्रस्तावित बजट में 412.77 करोड़ खर्च होने की संभावना जताई.

    इस तरह होगी आय

    1. सम्पत्ति कर          332.48 करोड़
    2. पूंजी व राजस्व अनुदान       1722.69 करोड़
    3. जलप्रदाय          195.00 करोड़
    4. नगर रचना          102.63 करोड़
    5. बाजार            13.19 करोड़
    6. स्थावर विभाग            6.71  करोड़
    7. कर्ज            72.00 करोड़ 

    इस तरह होगा खर्च

    1. आस्थापना खर्च          519.16 करोड़  
    2. सेवानिवृत्ति वेतन         200.00 करोड़
    3. प्रशासकीय खर्च         86.87 करोड़
    4. दुरुस्ती और सुस्थिति         412.77 करोड़  
    5. योजनाओं पर खर्च         179.79 करोड़  
    6. पूंजी खर्च प्रकल्प में सहभाग 1209.30 करोड़

    हम देंगे विकास का बजट

    मनपा आयुक्त के बजट में किसी भी नई योजना का उल्लेख नहीं दिखाई दिया किंतु आगामी वर्ष चुनाव का होने के कारण लोगों को सत्तापक्ष से कई आशाएं हैं. जिससे स्थायी समिति के आम बजट में विकास की कई योजनाएं होगीं. वर्ष के अंत में बकाया न रखकर विकास पर खर्च का आंकलन किया जाएगा. जिससे लोगों को नई योजनाएं और विकास भी मिल सकेगा. -प्रकाश भोयर, सभापति, स्थायी समिति.