रेलवे : गांजा तस्करी में 3 गिरफ्तार, GRP की एक और बड़ी कार्रवाई

    • 1 महीने पुराने मामले में दिल्ली से लाए गए तीन आरोपी

    नागपुर. एक के बाद एक चोरी और तस्करी के मामले का खुलासा कर रही लोहमार्ग पुलिस ने पहले ट्रेन में लावारिस बैग में पकड़े गये गांजे के मामले में दिल्ली से 3 आरोपियों के गिरफ्तार कर लिया. 1 महीने की कड़ी मेहनत के बाद आरोपियों में रणजीत सिंह गुरुदयाल सिंह (33), गुरुदेव सिंह भजन सिंह (32) और जसविंदर सिंह बलदेव सिंह (36) को धरदबोचा गया. तीनों ही निहाल विहार, नागलोई, दिल्ली में रहते हैं.

    ज्ञात हो कि 8 जून को रेलवे सुरक्षा बल द्वारा ट्रेन 02851 विशाखापट्टनम-हजरत निजामुद्दीन संपर्कक्रांति एक्सप्रेस की एस-2 कोच में 1,27,870 रुपये का गांजा लावारिस बैग में पकड़ा गया था. इसके बाद जांच जीआरपी को सौंप दी गई थी. उल्लेखनीय है कि इससे पहले जीआरपी ने महाराष्ट्र एक्सप्रेस में लावारिस बैग में मिली ब्राउन शुगर मामले में भी बेहतरीन जांच करते हुए गोंदिया और बजरिया से आरोपियों की गिरफ्तारी की थी. ऐसा पहली बार हो रहा है कि लावारिस बैग में मिले नशीले पदार्थों के मामले में गिरफ्तारी की जा रही है. 

    कागज की पर्ची और दिल्ली की दौड़

    जीआरपी द्वारा जब्त बैग में कागज की एक पर्ची मिली जो दिल्ली के निहाल विहार स्थित बैंक में खाता खोलने की रसीद थी. इसके बाद पीएनआर की मदद से एस2 कोच के यात्रियों की लिस्ट निकाली गई और जीआरपी की टीम दिल्ली पहुंच गई. वहां एक प्रापर्टी डीलर की मदद से निहाल विहार का पता चला. जहां इस प्रकार के अपराध में लिप्त लोगों की कई बस्तियां हैं.

    यहां स्थित गुरुद्वारे से लेकर आसपास के लोगों के पूछताछ में एक ही नाम के 4 से 5 लोगों का पता चला. ऐसे में जीआरपी ने एक बार फिर बैंक की पर्ची पर ध्यान लगाया. बैंक जाकर पूछने पर पता चला कि उक्त रणजीत ने अकाउंट तो खोला लेकिन पासबुक लेने नहीं आया है. 

    बैंक में ही लगाई फिल्डिंग

    जीआरपी की टीम को बैंक से रणजीत के मोबाइन नंबर का पता चला लेकिन दिल्ली जैसे शहर में मोबाइल ट्रेसिंग से पकड़ना बड़ी चुनौती थी. ऐसे में जीआरपी ने बैंक में फिल्डिंग लगाई. बैंक मैनेजर को कहा गया कि रणजीत को कॉल कर पासबुक और एटीएम लेने बुलाया जाये. बैंक द्वारा ऐसा ही किया गया. हैरानी की बात रही कि कुछ ही घंटे में रणजीत बैंक भी पहुंच गया.

    इशारा मिलते ही जीआरपी ने उसके धर दबोचा. पहले तो वह गांजा तस्करी से इनकार ही करता रहा लेकिन कड़ी पूछताछ में अपने बाकी दोनों साथियों के नाम भी बता दिये. स्थानीय पुलिस की मदद से जीआरपी ने उन्हें भी गिरफ्तार नागपुर ला लिया.