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  • रिजर्वेशन में सीनियर सिटीजन, महिला कोटा जैसी सुविधायें अब भी बंद

नागपुर. करीब डेढ़ वर्ष बाद एक बार फिर रेलवे में यात्री परिवहन सामान्य स्थिति में दिखाई दे रहा है. देशभर में 70 प्रतिशत से अधिक रद्द ट्रेनें दोबारा शुरू हो चुकी हैं और अधिकांश ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट शुरू हो चुकी है जो यात्रियों की संख्या को दर्शाता है. ऐसे में यह कहने में गलत नहीं कि देश में ट्रेनें अनलॉक हो चुकी हैं. बावजूद इसके रेलवे ने अब भी यात्रियों की कई सुविधाओं को अनलॉक ही रखा है. इनमें रिजर्वेशन के लिए मिलने वाली सहूलियतें शामिल हैं. अब भी सीनियर सिटीजन और महिला कोटा जैसी राहत भरी सुविधायें नसीब नहीं हो रही हैं. 

स्टेशन पर बढ़ने लगी भीड़

नागपुर स्टेशन से पहले 220 से अधिक ट्रेनों की आवाजाही थी. कोरोना काल के बावजूद आज की स्थिति में करीब 190 ट्रेनों का परिचालन शुरू हो चुका है. इनमें भी बंद ट्रेनें पैसेंजर ही हैं. एक बार फिर नागपुर स्टेशन पर बड़ी संख्या में यात्री नजर आने लगे हैं. मुंबई और पुणे जाने वाली ट्रेनों में दोबारा हाउसफुल की स्थिति दिखाई दे रही है लेकिन बुजुर्गों और महिलाओं को किराये में रियायत की राहत नहीं मिल रही है. रेलवे का रियायत बंद रखने का निर्णय पूरे देश में लागू है जिससे लाखों यात्रियों को महंगे किराये में कोई राहत नहीं मिल रही है.

यात्री हैं पर सुविधा नहीं

कोरोना संक्रमण के बहाने रेलवे ने सभी नियमित ट्रेनों को स्पेशल में बदल दिया है. जून 2020 में जारी दिशानिर्देशों में रेलवे ने 60 वर्ष से अधिक के बुजुर्ग और छोटे बच्चों के सफर की मनाही की थी. सीनियर सिटीजन यात्रा ही नहीं कर पा रहे थे, इसलिए टिकट रिजर्वेशन में कोटे की जरूरत भी नहीं थी. अब ट्रेनों में हर उम्र के यात्री सफर कर रहे हैं. इनमें बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सभी शामिल हैं लेकिन उन्हें पूरा किराया देना पड़ रहा है. यही नहीं, स्पेशल ट्रेनों के चलते किराये में स्पेशल चार्ज भी जोड़ा जा रहा है.

अभी तक निरस्त नहीं हुआ आदेश

कोरोना संक्रमण के कारण 22 मार्च 2020 को पहले जनता कर्फ्यू लगाया था लेकिन इससे 3 दिन पहले 19 मार्च को रेलवे ने एक आदेश जारी किया था. आदेश में कहा गया था कि किराये में सीनियर सिटीजन कोटे से मिलने वाली राहत ‘अगले परामर्श तक ले लिए’ रद्द की जा रही है. इस श्रेणी में रेलवे ने रोगियों, छात्रों और दिव्यांगों को बाहर रखा था. इस आदेश को भी तक रद्द नहीं किया गया है. इसलिए सीनियर सिटीजन को भी पूरा किराया देना पड़ रहा है.