Fight over minor matter, 4 accused arrested

नागपुर. बोर बाघ प्रकल्प अंतर्गत जंगल सफारी के लिए निजी वाहन से एंट्री नहीं देने पर वनपरिक्षेत्र अधिकारी(आरएफओ) व वनरक्षक (गार्ड) के साथ मारपीट का मामला सामने आया है. आरफओ निलेश गावंडे और वनरक्षक भाकरे की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा निर्माण करने,मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया है. आरोपियों में वर्धा निवासी महेश ठाकुर, स्वप्नील तलवेकर, मंगेश रामटेके समेत कुल 8 अपराधियों का समावेश है. इस घटना से संपूर्ण वन विभाग में खलबली मच गई है. 

कड़ी कार्रवाई की मांग

बुधवार को फरियादी वनरक्षक भाकरे बोर बाघ प्रकल्प के बोरधरण गेट स्थित टिकट काउंटर पर बैठा हुआ था. इस दौरान आरोपी महेश ठाकुर अपने 7 साथियों के साथ जंगल सफारी के लिए निजी वाहन से वहां पहुंचा. वन क्षेत्र में निजी वाहन प्रतिबंधित होने के कारण वनरक्षक ने उन्हें जिप्सी से सफारी करने की सलाह दी. बावजूद इसके आरोपी अपने ही वाहन से सफारी करने की जिद करने लगे. विरोध करने पर उन्होंने वनरक्षक के साथ गाली गलौच करते हुए उसकी पीटाई शुरू कर दी. अपनी जान बचाते हुए वह किसी तरह पास ही में मौजूद वन विभाग के कार्यालय पहुंचा.

उसने आरएफओ निलेश गावंडे को पूरी घटना बताई. इसके बाद वे स्वयं अन्य कर्मिंयों के साथ मौके पर पहुंचे और उन्हें समझाने का प्रयास किया. फिर भी वह नहीं माने और आरएफओं के साथ गाली-गलौच करते हुए धक्कामुक्की की. आरोपियों द्वारा आरएफओ और वनरक्षक को जान से मारने की धमकी दी. फरियादी की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विविध धाराओं के तहत मामला दर्ज किया. सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाने की मांग की है.