Ticket hall made indoor parking, railway workers ruining nation's property
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    नागपुर. पिछले कुछ दिनों से ट्रेनों में यात्रियों की आवाजाही बढ़ गई है. ऐसे में अवैध टिकट एजेंटों को दोबारा सक्रिय होने से रोकने के लिए रेलवे सुरक्षा बल द्वारा 3 दिन का विशेष अभियान चलाया गया. मध्य रेल नागपुर मंडल के आरपीएफ ने अभियान में 10 अवैध एजेंटों को धरदबोचा. यह जानकारी वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त आशुतोष पांडेय ने दी. उन्होंने बताया कि इनमें नागपुर समेत मंडल के सभी पोस्ट के तहत कार्रवाई की गई. गिरफ्तार एजेंटों से 12 आईडी का पता चला जिनसे कुल 87 टिकटें जब्त की गईं. इनमें से 10 लाइव टिकटें हैं यानि इन पर यात्रा होनी बाकी थी जबकि 77 टिकटें पुरानी मिलीं. सभी 87 टिकटों की कुल कीमत 1,25,339 रुपये पाई गई. 

    हार्डडिस्क भी जब्त

    अधिक जानकारी देते हुए सीनियर डीएससी पांडेय ने बताया कि इन सभी मामलों में जिन कम्प्यूटरों से अवैध रूप से टिकटें बुक की गई हैं उनकी हार्डडिस्क भी जब्त कर ली गई. इनकी भी जांच जारी है. उन्होंने कहा कि आरपीएफ द्वारा अवैध टिकट एजेंटों के खिलाफ ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे. उन्होंने इस अभियान को सफल बनाने के लिए मंडल की सभी आरपीएफ पोस्ट की टीम की पीठ भी थपथपाई.

    कोविड से अनाथ हुए बच्चों का रखेंगे ख्याल 

    सीनियर डीएससी पांडेय ने रेलवे सुरक्षा बल द्वारा पूरे देश में जारी एक विशेष अभियान की भी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण देशभर में कई बच्चों ने अपने माता-पिता दोनों को खो दिया गया है. ऐेसे में वे डिप्रेशन में घर छोड़ने या पेट भरने के लिए अपराध जैसी गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं. हमें आदेश है कि ट्रेनों में ऐसा कोई भी बच्चा मिलता है तो उसका पूरा ख्याल रखा जाए. नागपुर मंडल के तहत हमने इस पर काम शुरू कर दिया है और एक स्पेशल सेल बनाई गई. इसमें विशेष रूप से 2 महिला सुरक्षाकर्मियों को जिम्मेदारी दी गई है कि कोविड से अनाथ हुए बच्चों का पूरा ध्यान रखा जाए और उन्हें अपनत्व दिया जाए. हालांकि नागपुर रेल मंडल में अभी तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है. हालांकि पिछले 6 महीनों में आरपीएफ ने ट्रेनों और स्टेशन परिसर से 32 लावारिस या घर से भागे बच्चों को गलत हाथों में जाने से बचाया. इनमें से कुछ को उनके पालकों के सुपुर्द किया गया तो कुछ को चाइल्ड लाइन को सौंपा गया. 

    अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी

    उन्होंने बताया पिछले 6 महीनों में कोरोना काल होने के बावजूद नागपुर आरपीएफ लगातार अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है. अभी तक विभिन्न कार्रवाइयों में 39 अपराधियों का गिरफ्तार किया गया है. इनमें 22 को गांजा तस्करी में पकड़ा गया है जो आरपीएफ की बड़ी सफलता है. इसके अलावा ज्वलनशीन पदार्थों और अन्य तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कुल 1.70 करोड़ का माल भी जब्त किया गया. 

    मंडल के तहत एजेंटों गिरफ्तारी

    नागपुर-2

    अजनी-1

    वर्धा-2

    बल्लारशाह-1

    चंद्रपुर-1

    आमला-1

    बैतूल-1

    जुन्नारदेव-1

    अपराधियों से जब्त सामान

    26 लाख- गांजा

    06 लाख- शराब

    60 लाख-नकदी

    82 लाख- सोना व गहने

    80 लाख- रिकवर सामान