Sameet Thakkar

  • सीताबर्डी पुलिस ने दबोचा

नागपुर. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, केबिनेट मंत्री आदित्य ठाकरे और ऊर्जा मंत्री नितिन राउत को सोशल मीडिया पर अपशब्द लिखने वाले कथित बीजेपी आईटी सेल के सदस्य समीत ठक्कर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. शिवसेना नेता नितिन तिवारी की शिकायत पर सीताबर्डी पुलिस ने समित के खिलाफ मामला दर्ज किया था. समित गिरफ्त से बचने के लिए न्यायालय की शरण में गया था.

20 अक्टूबर को हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने समित की याचिका खारिज कर दी थी. याचिका खारिज होते ही पुलिस समित की तलाश में जुट गई थी. सीताबर्डी पुलिस को जानकारी मिली कि समित गिरफ्तारी से बचने के लिए राजकोट में छिपा है. खबर मिलते ही एक दल राजकोट रवाना हुआ था.

शनिवार को पुलिस दस्ते ने समित को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस दल उसे लेकर नागपुर के लिए रवाना भी हो गया है. समित के खिलाफ 2 जुलाई को मुंबई के वीपी मार्ग पुलिस स्टेशन और नागपुर में एफआईआर दर्ज की गयी थी. ठक्कर पर आरोप है कि वह अपने ट्वीटर हैंडल से सीएम ठाकरे, मंत्री आदित्य ठाकरे और ऊर्जा मंत्री नितिन राउत को अपशब्द लिख कर ट्वीट कर रहा था. ठक्कर ने 1 जून, 30 जून और 1 जुलाई को दो ट्वीट में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे एवं मंत्री आदित्य ठाकरे की फोटो डाल कर अपमानजनक संबोधन किया था, तो ऊर्जा मंत्री नितिन राउत को एक ट्वीट में अपशब्द का इस्तेमाल किया था.

एफआईआर रद्द करने के लिए दायर की था याचिका

ठक्कर ने गिरफ्तारी से बचने के लिए बांबे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और उसके खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग की. न्यायाधीश एसएस शिंदे और एमएस कर्निक की खंडपीठ ने 1 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान ठक्कर को आदेश दिया था कि वीपी रोड पुलिस स्टेशन में जाकर बयान दर्ज करवाए.

पुलिस स्टेशन से फरार

ठक्कर 5 अक्टूबर को दो वकीलों के साथ मुंबई के वीपी रोड पुलिस स्टेशन पहुंचा था. पुलिस बयान रिकार्ड कर रही थी. इसी बीच मुंबई पुलिस की सायबर सेल की टीम भी वहां पहुंच गयी. ठक्कर शौच के लिए जाने के बहाने वीपी रोड पुलिस स्टेशन से फरार हो गया. 9 अक्टूबर को बांबे हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान ठक्कर ने कहा कि वह वीपी रोड पुलिस स्टेशन से सायबर सेल की गिरफ्तारी के डर से फरार हुआ था. कोर्ट ने 16 अक्टूबर को वीपी रोड पुलिस स्टेशन उपस्थित होकर बयान देने के लिए कहा था, लेकिन वह पुलिस स्टेशन में हाजिर नहीं हुआ. 

3 नवंबर को अगली सुनवाई

शिकायतकर्ता एवं वकील धर्मेंद्र मिश्रा ने बताया है कि 23 अक्टूबर को बांबे हाईकोर्ट में ठक्कर की एफआईआर रद्द करने की याचिका पर सुनवाई हुई. 3 नवंबर को उसकी याचिका पर अगली सुनवाई होगी.