NMC School Started

  • 3 जनवरी के बाद ही सामान्य होगी स्थिति

नागपुर. प्रशासन की अनुमति के बाद सोमवार से जिले में 9वीं से 12वीं तक स्कूलें शुरू की गई. सिटी से लगे ग्रामीण भागों में कुछ ही स्कूलें शुरू हुई. पहला दिन होने से उपस्थिति भी बेहद कम थी. वहीं पालकों ने ही बच्चों को लाकर छोड़ा. अगले कुछ दिनों तक इसी तरह की स्थिति बनी रहेगी. 3 जनवरी से सभी स्कूलें शुरू हो जाएगी.

सिटी से लगे ग्रामीण भाग में अनेक सीबीएसई और अंग्रेजी माध्यम की स्कूलें हैं. इन स्कूलों में सिटी के ही अधिकांश छात्र पढ़ते हैं. लेकिन कोविड की वजह से बस और वैन को अनुमति नहीं दी गई है. घर से स्कूल की दूरी अधिक होने के कारण ही कई पालकों ने बच्चों को स्कूल नहीं भेजने का मन बना लिया था. पालकों द्वारा सहमति नहीं दिए जाने के कारण ही कई स्कूलें शुरू नहीं की गई है. अब उक्त स्कूलें 3 जनवरी से शुरू की जाएगी. वहीं मराठी माध्यम की निजी और अनुदानित स्कूलें शुरू हो गई.

कम रही उपस्थिति

8 महीने बाद स्कूलें शुरू होने से छात्रों के साथ ही पालकों ने भी राहत की सांस ली. पहले दिन उपस्थिति बेहद कम थी. शिक्षकों ने भी अब तक हुए सिलेबस के बारे में छात्रों से जानकारी हासिल की. ग्रामीण में तो ऑनलाइन लर्निंग चल रही थी, लेकिन सभी छात्रों को इसका लाभ नहीं मिल रहा था. जिन पालकों के साधन-सुविधाओं का अभाव है, उनके बच्चे नियमित रुप से पढाई नहीं कर सके. यही वजह है कि अब शिक्षकों के सामने सभी बच्चों को समान पाठ्यक्रम तक पहुंचाना बड़ी चुनौती होगी.

कम समय में अधिक से अधिक पाठ्यक्रम पूर्ण करना होगा. कोविड की वजह से प्रशासन ने स्कूलों को सोशल डिस्टेंसिंग सहित तमाम तरह के दिशा-निर्देश जारी किए हैं. लेकिन सभी स्कूलों के लिए इन निर्देशों को अमल में लाना मुश्किल है. फिलहाल तीन घंटे की स्कूल रखी गई है. छात्रों को एक साथ नहीं रहने को कहा गया है.

वहीं मास्क लगाकर ही छात्र आए थे. क्लॉस रुम को सैनिटाइज किया गया. छात्रों को अपने साथ सैनिटाइजर ले आना  अनिवार्य किया गया है. एक टेबल पर एक ही छात्र को बैठाया गया था. सोशल डिस्टेंसिंग की वजह से कई स्कूलों ने एक सेक्शन को 2-3 क्लॉस रूम में बांट दिया है. अगले निर्देश तक स्कूल बस और वैन बंद ही रहेगी. यानी बच्चों को स्कूल छोड़ने की जिम्मेदारी पालकों की ही रहेगी.