Kisan Rail nagpur

  • रेल अधिकारियों ने दिया किसानों व व्यापारियों को आश्वासन

नागपुर. सब्जी, अनाज की शीघ्र एवं सुरक्षित ढुलाई करने की दृष्टि से दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे द्वारा छिंदवाड़ा-इतवारी-हावड़ा तक किसान रेल के सफल संचालन के लिए अपेक्षाएं एवं सुझाव जानने दक्षिण- पूर्व-मध्य रेल नागपुर मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ किसान एवं स्थानीय व्यापारियों की भंडारा में बैठक हुई. सहायक वाणिज्यिक प्रबंधक जितेंद्र तिवारी ने कहा कि किसान रेल का प्रयोग सफल रहता है तो गाड़ी प्रतिदिन चलेगी. ज्यादा माल बुकिंग मिलने पर स्टॉपेज समय भी बढ़ेगा. ज्ञात हो कि मंडल के तहत छिंदवाड़ा-इतवारी-हावड़ा किसान रेल टाइमिंग को लेकर रेलवे और व्यापारियों के बीच बात नहीं बनने से चलाई नहीं जा सकी. इसे 25 नवंबर को रवाना होना था. वहीं उक्त ट्रेन को भंडारा स्टेशन पर भी स्टॉपेज देने की मांग गई थी.

सिस्टम बदल चुका है

अधिकारियों ने बताया कि रेलवे में सिस्टम बदल चुका है. आरपीएफ एवं सीसीटीवी की फुलप्रूफ व्यवस्था में लापरवाही की गुंजाइश नहीं के बराबर है. किसानों को केवल रेलवे परिसर तक माल पहुंचाना है, बाकी जिम्मेदारी रेलवे की होगी. ट्रेन में चढ़ाने एवं उतारने की जिम्मेदारी रेलवे की होगी. पैसेंजर स्लैब की तुलना में भाड़ा आधा रखा गया है. किसानों ने माल के खराब एवं चोरी होने का मुद्दा उठाया, तब आश्वासन मिला कि इस स्थिति में क्लेम दिया जाएगा.

हर दिन चलाने का वादा

किसानों की दृष्टि से सप्ताह में एक दिन गाड़ी उपयोगी नहीं रहेगी. इस पर जवाब मिला कि हर दिन अगर आवश्यक लोडिंग मिलती है, गाड़ी रोज चलेगी. ज्यादा मात्रा में माल होने की स्थिति में अतिरिक्त बोगी भेजी जाएंगी. क्या 10 मिनट के स्टॉपेज में माल लादना संभव होगा, इस सवाल पर अधिकारियों ने बताया कि आवश्यकता के अनुसार स्टॉपेज समय भी बढ़ेगा. सब्जियां जल्दी खराब होती हैं, इस वास्तविकता को ध्यान में रखते हुए बोगियों को डिजाइन किया गया है. जो ट्रक की तुलना में कई गुना बेहतर है. ऊबड़खाबड़ सड़कों से ट्रक गुजरने पर झटकों से माल की हानि होती है, यह हानि किसान रेल में नहीं होगी. इस दौरान रेल अधिकारियों के अलावा अतुल मानकर, प्रदीप दीवे, सुधीर धकाते, किरण भेदे, मंगेश राऊत, धनराज नागरीकर, बालकृष्ण मंदूरकर, दीपक पराते, सुकराम अतकरी, क्रिष्णा उपरीकर, महेंद्र मेंढे, सुगत शेंडे, सैयद सौबीन, रवि राऊत एवं अन्य उपस्थित रहे.