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  • सादगी से मनाने पर जोर

नागपुर. जिले के साथ-साथ समूचे राज्य में कोरोना की दूसरी लहर फैली हुई है. मार्च से ही मरीजों में दुगनी रफ्तार से वृद्धि हो रही है. इसका असर सभी त्योहारों पर होने से घरों में रहकर सादगी से मनाए जा रहे हैं. गत वर्ष मार्च में ही राज्य में कोरोना की एंट्री हुई थी. गत वर्ष 9 मार्च को होली का त्योहार था. 10 को रंगों धुलेंडी (रंगपंचमी) थी. भय के साए में लोगों ने होली मनाई थी. इस वर्ष होली 28 मार्च को व 29 को रंगपंचमी है.

जनवरी के पहले पखवाड़े में समाप्त होते दिख रहे कोरोना संक्रमण ने फरवरी में जबरदस्त हमला किया. इसके चलते संक्राति, गणतंत्र दिवस, शिवाजी महाराज जयंती, महाशिवरात्रि समेत अन्य त्योहारों के उत्साह पर पानी फिर गया. होली के त्योहार को भी 15 दिन से कम समय शेष हैं. नगर में कोरोना के पेशंट बढ़ते ही जा रहे.

कोरोना संक्रमण के कारण नगर में 15 से 21 मार्च तक लाकडाउन लगाया है. इस वजह से होली पर कोरोना का साया मंडराता दिख रहा है. अक्सर धूमधाम और हुल्लड़बाजी से मनाया जानेवाला रंगों का त्योहार होली अत्यंत सादगी से मनाया जाने के आसार हैं. नियमों का उल्लंघन कर होली खेलना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है. एक-दूसरे को रंग लगाना संक्रमण का खतरा बढ़ा सकता है.

मार्केट से रौनक ही गायब

बाजार में होली के सामान की बिक्री को लेकर व्यापारी चिंतित हैं. रंगों के त्योहार पर हर्बल और आर्गेनिक कलर की विशेष डिमांड रहती है, लेकिन कारोबारी रंगों की खरीदारी से बच रहे हैं. बाजारों में रंग, गुलाल, पिचकारी, विविध तरह की टोपी आदि की दूकानें ही नदारद हैं. वैसे तो होली के पखवाड़े से पूर्व ही बाजार रंगों से सज जाता है लेकिन लाकडाउन से बाजार बंद होने से रौनक ही गायब हो गई है.