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  • शिवसेना शहर प्रमुख को लेकर एक और विवाद

नागपुर. 25 लाख रुपये लेकर विधानसभा टिकट और जिला प्रमुख पद के कथित लेन-देन के आरोपों से घिरे शिवसेना शहर प्रमुख मंगेश कढ़व शुक्रवार को एक नये विवाद में फंस गये. कांग्रेस की पूर्व नगरसेविका निमिषा शिर्के ने क्राइम ब्रांच के मुखिया निलेश भरणे को लिखित शिकायत दी कि कढ़व और कुछ अन्य लोगों की प्रताड़ना के कारण उनके पति देवानंद शिर्के ने 4 दिन पहले आत्महत्या करने का प्रयास किया.

लिखा था 6 पन्ने का सुसाइड नोट
निमिषा ने भरणे को सौंपे पत्र में कहा कि उनके पति की जान तो बच गई, लेकिन जब उन्होंने इस मामले की शिकायत सक्करदरा पुलिस थाने में 4 दिन पहले की थी, तब उनकी शिकायत तक नहीं ली गई. देवानंद ने यह सोचकर जहर खा लिया था कि उनकी जान नहीं बचेगी. इसी वजह से उसने 6 पन्ने का सुसाइड नोट भी लिखा हुआ है. 2-2 पन्ने के 3 नोट हैं, जिसमें एक नोट में सिर्फ कढ़व का उल्लेख है. 

30 लाख की धोखाधड़ी का आरोप
शिर्के के अनुसार मानेवाड़ा रोड की तीन दूकानें खरीदने के लिए उनका कढ़व के साथ 50 लाख का सौदा हुआ था. 30 लाख रुपये देने के बाद भी कढ़व ने उसी संपत्ति पर बैंक से कर्ज लेकर धोखाधड़ी की. देवानंद ने जब यह पैसे वापस मांगे तो मंगेश ने अपनी पत्नी के चेक दिये, जो बाद में बाऊंस हो गये. 2013 के बाद से शिर्के लगातार उससे पैसे वापस मांग रहा, लेकिन वापस करने के बजाय उसने धमकी देना शुरू कर दिया था. नोट में शिर्के ने मंगेश पर कई संगीन आरोप लगाये. संयोग से शिर्के की जान बच गई. इस मामले में निमिषा ने क्राइम ब्रांच के मुखिया भरणे से गहराई से जांच की मांग की है.

बजाज नगर में चल रही छानबीन
इस बीच शुक्रवार को भी धापोड़कर के 25 लाख वाले मामले की छानबीन चल रही है. बजाज नगर के थानेदार ने बताया कि जांच अधिकारी फिलहाल तथ्यों की पड़ताल कर रहे हैं  और दस्तावेज जुटाने के काम में लगे हुए हैं. कढ़व से संबंधित कुछ पुरानी जानकारी भी जुटाई जा रही है. डीसीपी विवेक मसाल की निगरानी में यह मामला चल रहा है.

शिर्के के कब्जे में है तीनों दुकानें : कढ़व
इस बीच शिर्के के आरोपों के जवाब में कढ़व ने कहा कि जो तीनों दुकानों की बात की जा रही है, वह अब भी उनके कब्जे में हैं. जितने पैसे में सौदा हुआ था, वह तय समय पर दे नहीं सके यह उनकी समस्या है. आज भी यदि शिर्के की इच्छा है तो और यदि वे बचे हुए पैसे दें तो कोई समस्या नहीं रहेगी.