Shops Under transformers

  • खतरनाक ट्रांसफार्मरों के नीचे लग रही दूकानें

नागपुर. मनपा की अतिक्रमण निर्मूलन की कार्रवाई तो सतत ही चलती रहती है लेकिन संबंधित विभाग के अधिकारियों ने यह ध्यान नहीं दिया कि बिजली के जिन खतरनाक ट्रांसफार्मरों के नीचे ही लोग गुमटियां लगाकर अपनी दूकानें सजा रहे हैं उनकी जान पर हमेशा खतरा बना रहता है. शहर के सभी मुख्य मार्गों पर ऐसे नजारे देखने को मिलेंगे जहां खंबों पर ऊपर लगे ट्रांसफार्मर के नीचे चाय-पान की गुमटियां, जूस के ठेले व अन्य सामान बेचने वाले बेखौफ व्यवसाय कर रहे हैं.

बाजार क्षेत्रों में तो कुछ खुली डीपी से सटकर अपनी दूकानें सजा रहे हैं. न ट्रांसफार्मरों के चारों बांउंड्री बनाकर उसे घेरा गया है और न ही खतरे की कोई सूचनाफलक ही बिजली कंपनियों द्वारा लगाई गई है. दूकानदार और फुटपाथी भी खुली डीपी और ट्रांसफार्मर से सटकर या ठीक उसके नीचे दूकान सजाने में नहीं हिचकते जबकि उन्हें भी पता है कि करंट लगने का खतरा बना रहता है. शहर के महल, सीताबर्डी, काटन मार्केट, सदर, दहीबाजार चौक, खामला, वर्धमाननगर, सक्करदरा, जरीपटका, नरेन्द्र आरयूबी के ठीक पहले और कई इलाकों में कुछ इसी तरह का आलम है. इन्हें रोकने और सुरक्षा की जिम्मेदारी जिस मनपा और बिजली की कंपनी महावितरण व एसएनडीएल की है वे इस ओर ध्यान ही नहीं दे रहे हैं.

आरयूबी के पहले परमानेन्ट कब्जा

छत्रपति चौक से मानेवाड़ा चौक की दिशा में जाने वाले इनर रिंग रोड पर नरेन्द्रनगर आरयूबी के ठीक पहले बिजली के ट्रांसफार्मर और खंबों के बीच में फूल-फल विक्रेता, कबाड़ी वाले ने तो वर्षों से परमानेन्ट कब्जा जमा रखा है. मनपा का अतिक्रमण उन्मूलन दस्ता बाजार क्षेत्रों में ही अधिकतर कार्रवाई करने में व्यस्त रहता है. इस रोड में बहुत कम ही कार्रवाई होती है जिसका लाभ ये अतिक्रमणकारी उठा रहे हैं. ट्रांसफार्मर लगे हैं इसका मतलब जमीन महावितरण की है लेकिन महावितरण को भी इसकी फिक्र नहीं है.

सजती है दूकानें

काटन मार्केट चौक से रेलवे स्टेशन के पूर्वी द्वार की ओर जाने वाले रोड में रोजाना बिजली के ट्रांसफार्मर के नीचे पानी के ड्रम व पालीथीन बेचने वाले अपनी दूकानें सजाते हैं. वे शायद इस बात से अनभिज्ञ हैं कि कभी कुछ अनहोनी हुई तो जानलेवा करंट के वे शिकार हो सकते हैं. कई बार यहां से अतिक्रमण हटाया जाता है लेकिन फिर दोबारा दूकाने सज जाती हैं. इस मार्ग से पुलिसवाले भी गुजरते हैं लेकिन उनका ध्यान भी इधर नहीं जा रहा. यहां तो ट्रांसफार्मर के ठीक नीचे टेबल लगाकर 4-5 लोग हमेशा ही बैठे होते हैं और कुछ लोग अपने दोपहिया वाहन भी खड़ा कर देते हैं. ट्रांसफार्मर से लोगों को दूर रखने की कोई व्यवस्था यहां नहीं की गई है.

चल रहा पानठेला

भारत माता चौक तबला मार्केट में ट्रांसफार्मर के ठीक नीचे पानठेला चलाया जा रहा है. ठेले पर हमेशा बड़ी संख्या में ग्राहक खड़े रहते हैं. इस ट्रांसफार्मर के भी चारों ओर कोई बाउंड्री नहीं है. यदि तार की बाड़ लगाकर ट्रांसफार्मर लगे इस खंबे को घेरा जाता तो पानठेला को वहां लगाने की जगह ही नहीं मिलती. शहर में पेड़, बिजली के खंभों और ट्रांसफार्मर व डीपी की आड़ में जो जगह होती है वह अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई से बचने के लिए दूकानदार सुरक्षित मानते हैं. क्योंकि अतिक्रमण उन्मूलन दस्ता सड़कों और फुटपाथों पर कब्जा जमाये लोगों के खिलाफ ही कार्रवाई करता है और ऐसे आड़ में जो दूकानें रहती हैं उसे छोड़ दिया जाता है. लेकिन यही अनदेखी कभी जानलेवा भी हो सकती है.

मोक्षधाम घाट चौक पर चाय की टपरी

मोक्षधाम घाट चौक पर ट्रांसफार्मर के ठीक नीचे चाय की टपरी लगाई जा रही है. सबसे खतरनाक यह है कि जिस खंबे पर ट्रांसफार्मर लगे हैं, वहां चाय की गिलास धोने वाला गंदा पानी भी डाला जाता है जिससे करंट का भारी खतरा बना रहता है. नीचे जमीन गीली होने से कभी अनहोनी भी हो सकती है. चाय की टपरी में हमेशा ही ग्राहकों की भीड़ होती है जिनकी जान खतरे में होती है. यह नजारा न ही मनपा के अतिक्रमण उन्मूलन विभाग को नजर आता है और न ही बिजली कंपनियों के अधिकारियों की नजर में. यहां भी चाय पीने वाले अपने दोपहिया वाहन खड़ा करते हैं. इस ट्रांसफार्मर के भी आसपास कोई न जाए इस दृष्टिकोण से तारों की बाड़ नहीं लगाई गई है.

शेड बनाकर कब्जा

दहीबाजार चौक में स्टेशनरी, बेल्ट, गॉगल विक्रेता बकायदा शेड बनाकर अपनी दूकानें सजाते हैं. ट्रांसफार्मर के नीचे बिजली के खंभों से ही शामियाना बांधा जाता है जो खतरनाक है. बाजारक्षेत्र में यहां ग्राहकों की भारी भीड़ रहती है और ट्रांसफार्मर से लोगों को दूर रखने के लिए कोई सुरक्षा बाऊंड्री नहीं बनाई गई है. न ही यहां सावधानी की चेतावनी देता हुआ कोई सूचनाफलक ही लगा है. ट्रांसफार्मर से दूकानदारों को दूर रखने के लिए कोई व्यवस्था यहां भी नहीं की गई है. यदि बारिश या भीषण गर्मी के मौसम में कोई हादसा हो गया तो लोगों की जान को खतरा पैदा हो जाएगा. मनपा और बिजली कंपनी का ध्यान इस ओर अब तक नहीं गया है. शहर में कई खंबे तो मार्ग चौड़ीकरण के बाद बीच में भी आ गये हैं जिन्हें नहीं हटाया गया है.

तुरंत शुरू होनी चाहिए कार्रवाई

ट्रांसफार्मरों के ठीक नीचे या सटकर कोई अपनी दूकान लगा रहा है तो यह उसकी जानमाल के लिए ही बेहद घातक है. ऐसे लोगों को हटाने की कार्रवाई तो मनपा व महावितरण को तुरंत करनी चाहिए अन्यथा कभी गंभीर हादसा भी हो सकता है. यह बिजली कंपनी की जिम्मेदारी है कि वह ट्रांसफार्मरों को तारों की बाउंड्री लगाकर लोगों को उसे दूर रखने का काम करें. खतरनाक ट्रांसफार्मरों के नीचे लग रही दूकानें तो शहर के हर रोड में नजर आती हैं. यह बेहद खतरनाक है और बारिश के दिनों में तो जानलेवा भी साबित हो सकती हैं. हैरानी की बात है कि मनपा का संबंधित विभाग और महावितरण भी अपनी आंखें बंद किये बैठी है.