Mayo Hospital

    नागपुर. मेयो हॉस्पिटल के कोरोना वार्ड के आईसीयू में शॉर्ट सर्किट के कारण पावर कट होने की खबर ने दहशत मचा दी. करीब 15 मिनट तक सारे वेंटिलेटर बंद हो गये. इससे कुछ मरीजों को सांस लेने में भारी परेशानी हुई. हालांकि मेयो प्रशासन की ओर से कहा गया कि वेंटीलेटर को बैटरी पर शिफ्ट करते समय एमसीबी ट्रिप हो गई जिससे कुछ देर के लिए पावर कट रहा.

    दूसरे वार्ड में शिफ्ट किये गये मरीज

    बताया गया कि रविवार को सुबह करीब 11.20 बजे अचानक ही कोरोना वार्ड के आईसीयू रूम में शॉर्ट सर्किट के कारण धुआं निकलते दिखाई दिया. भंडारा जिला हॉस्पिटल के हादसे की याद आते ही मरीजों को तुरंत ही दूसरे वार्ड में शिफ्ट करना शुरू हो गया. इस दौरान वेंटिलेटर भी बंद हो गये. मिली जानकारी के अनुसार इस दौरान वेंटिलेटर पर करीब 15 मरीजों को रखा गया था. शॉर्ट सर्किट के कारण एमसीबी स्विच ट्रिप होने से बिजली गुल हो गई और वेंटिलेटर बंद हो गये. इससे पहले कि वार्ड में धुआं अधिक फैलता, मरीजों को दूसरे वार्ड में पहुंचा दिया गया. करीब 15 मिनट में इसे ठीक कर इलेक्ट्रिक सप्लाई दोबारा बहाल कर दी गई. हालांकि मेयो प्रबंधन का कहना है कि शॉर्ट सर्किट नहीं हुआ, बल्कि एमसीबी ट्रिप होने से पावर कट हुआ था. 

    जोरदार आवाज ने डराया

    इससे पहले हॉस्पिटल के इस कॉम्प्लेक्स में जनरल सर्जरी से लेकर नेत्र रोग विभाग, अस्थि रोग विभाग, ईएनटी विभाग के वार्ड व ऑपरेशन थिएटर था. लेकिन जून 2020 में यहां कोरोना वार्ड बना दिया गया. अब इस कॉम्प्लेक्स को कोविड डेडिकेटेड हॉस्पिटल में बदल दिया गया है. 600 बिस्तरों वाले इस कॉम्प्लेक्स में फिलहाल 400 से अधिक कोरोना मरीज इलाज करा रहे हैं. मिली जानकारी के अनुसार यहां के आईसीयू की क्षमता 40 मरीजों की हैं.

    फिलहाल यहां 15 मरीजों को वेंटिलेटर पर रखा गया है. घटना के समय शॉर्ट सर्किट के कारण स्पार्क का जोरदार आवाज आने से सभी में दशहत मच गई. धुआं दिखते ही नर्स और डॉक्टरों ने तुरंत विद्युत विभाग को सूचित किया. आनन-फानन में आईसीयू वार्ड की बिजली कट की गई जिससे इलेक्ट्रिक वायर में आग नहीं लग सकी. लेकिन वेंटिलेंटर बंद होने से कुछ मरीजों को सांस लेने में दिक्कतें हुई. जानकारी मिलते ही मरीजों के रिश्तेदारों का हॉस्पिटल पहुंचना शुरू हो गया और कुछ ही देर में भीड़ लग गई. हालांकि जल्द ही स्थिति संभलने से सभी ने राहत की सांस ली.

    अभी तक नहीं मिला फायर का NOC

    इस दौरान हैरान करने वाली जानकारी सामने आई कि मेयो के इस सर्जिकल कॉम्प्लेक्स को अग्निशमन विभाग द्वारा अभी तक एनओसी ही प्रदान नहीं की गई है. सूत्रों के अनुसार वर्ष 2017 से शुरू किये गये इस कॉम्प्लेक्स के फायर ऑडिट में कई उपकरण की उपयोगिता अनिवार्य बताई गई थी. इनमें हॉस्पिटल के निर्माण के अनुसार पानी की टंकी, बिजली न होने पर जलापूर्ति के लिए पम्प, किसी दुर्घटना की स्थिति में बाहर निकलने का अतिरिक्त रास्ता, अग्निशमन उपकरण, हाईड्रेंट व्यवस्था, स्मोक डिटेक्टर, फायर अलार्म, पम्प हाउस व स्प्रिंकलर आदि की व्यवस्था करने को कहा गया था. हालांकि, वास्तविकता यह है कि अभी तक ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गई है. इसी वजह से अभी तक फायर डिपार्टमेंट ने इस वार्ड के लिए फायर एनओसी नहीं दी है. 

    शॉर्ट सर्किट नहीं, MCB ट्रिप

    मेयो के डीन डॉ. अजय केवलिया ने कहा कि कोई शॉर्ट सर्किट नहीं हुआ. केवल एमसीबी ट्रिप हुई जिसकी आवाज से सभी डर गये. पावर कट की वजह से एक मरीज का वेंटिलेटर बंद हुआ था. हालांकि उसे तुरंत ही दूसरे वेंटिलेटर पर शिफ्ट कर दिया गया था. सारी व्यवस्था आसपास ही होने से 10 से 15 मिनट में पावर सप्लाई दोबारा बहाल कर दी गई.