शिक्षा के माध्यम से ग्रामीण लोगों का सामाजिक और आर्थिक विकास करने वाले ‘श्री अमित कोल्हे’

नागपुर. वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के कारण 25 मार्च 2020 से देश में लॉकडाउन हैं। इस दौरान सभी स्कूल, कॉलेज, कोचिंग क्लास, लायब्ररी बंद है, जिससे छात्रों का काफी नुकसान हो रहा है। इस नुकसान को कम करने के लिए कई निजी इंस्टिट्यूट ने ऑनलाइन शिक्षा का विकल्प अपनाया है। साथ ही सरकार द्वारा भी ऑनलाइन शिक्षा पर जोर दिया जा रहा है। इसी बीच नवभारत ने अपने पाठकों के लिए नवभारत Vibes (Series of Webinars) कार्यक्रम का आयोजन किया है। इस कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को कई महान हस्तियों द्वारा विभिन्न विषयों पर जानकरी देने की पहल की जा रही है। इस बार संजीवनी इंस्टीट्यूट ऑफ इंस्टीट्यूट के मैनेजिंग ट्रस्टी श्री अमित कोल्हे नवभारत वाइब्स में ‘कोविड-19 का शिक्षा क्षेत्र पर प्रभाव’ इस विषय पर चर्चा करने करने 24 जून को शाम 5 बजे नवभारत फेसबुक पेज (https://www.facebook.com/enavabharat) पर मौजूद होंगे। तो आइए जानते है विस्तार से श्री अमित कोल्हे के बारे में…. 

श्री अमित कोल्हे ने मार्केटिंग में एमबीए किया है। वर्तमान में श्री कोल्हे ‘संजीवनी ग्रुप ऑफ़ इंस्टिट्यूट’ के मैनेजिंग ट्रस्टी है। वे एक दूरदर्शी और शिक्षाविद है। उन्होंने शिक्षा और औद्योकीकरण के माध्यम से ग्रामीण लोगों के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण योगदान दिया है। संजीवनी इंस्टिट्यूट में देश के कई शैक्षणिक संस्थान शामिल है। इस संस्थान को 38 वर्ष हो गए है और पुणे विश्वविद्यालय द्वारा सर्वश्रेष्ठ कॉलेज पुरस्कार, एनबीए और एनएएसी (ए ग्रेड) की मान्यता के माध्यम से हाल के वर्षों में स्थापित अपने सर्वोत्तम शैक्षणिक अभ्यास और बुनियादी ढ़ाचें के लिए मान्यता प्राप्त है।

श्री अमित कोल्हे ग्रामीण भारत में उच्च शिक्षा प्रदान करने का दृष्टिकोण रखते हैं। उनका गतिशील नेतृत्व, शिक्षा के माध्यम से लोगों को एक सशक्त, उत्पादक समाज, सामाजिक सुधार करने में मदद करता है। गरीब, ग्रामीण आबादी और समाज के कमजोर वर्गों के लिए गहरी चिंता रखते हुए, उन्होंने अपने संसाधनों और विशेषज्ञता को समाज के उत्थान के लिए समर्पित किया और “संजीवनी फाउंडेशन” की स्थापना करके उस दिशा में एक मजबूत कदम उठाया।

संजीवनी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट देश में शीर्ष और सबसे पसंदीदा शैक्षणिक संस्थान है। यह संस्थान अब 9 संस्थानों का घर है इसमें 10 हजार छात्र है और सावधानी से डिज़ाइन किये गए 35 से अधिक पाठ्यक्रम है। इस संस्थान का उद्देश्य अकादमिक उत्कृष्टता की रचना करना और ग्रामीण भारत के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए विश्व स्तरीय इंजीनियर बनाना है।