MLA Krishna Khopde

  • महावितरण के रवैये का खोपड़े ने किया विरोध

नागपुर. एसएनडीएल कंपनी को तात्कालीन भाजपा सरकार के समय वापस लौट गई थी. तब कंपनी में कार्यरत करीब 100 से अधिक कर्मचारियों को उस समय के ऊर्जामंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कांटेक्ट बेस पर महावितरण में नौकरी बरकरार रखी थी. ये कर्मचारी 2011 से बिजली फ्रेंचाइजी कंपनी एसएनडीएल में कार्य कर रहे थे.

अचानक कंपनी द्वारा फ्रेंचाइजी छोड़ देने के चलते वे बेरोजगार हो गए थे. तब उन्हें महावितरण में समाहित किया गया था. अब कांग्रेस सरकार में महावितरण ने उन सभी कर्मचारियों का कांटेक्ट समाप्त होने के आधार पर मैसेज भेज कर अक्टूबर महीने से ही काम पर नहीं आने का संदेश दे दिया है.

भाजपा विधायक कृष्णा खोपड़े ने इस रवैये का विरोध किया है. उन्होंने कहा कि एक ओर कांग्रेस बेरोजगारों को रोजगार देने की बात करती है और दूसरी ओर 8-9 वर्ष से काम कर रहे कर्मचारियों को अचानक ही नौकरी से हटाकर उनके परिवार पर मुसीबत डाल रही है.

कांग्रेस की दोहरी भूमिका

एक ओर कांग्रेस देश भर में बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए आंदोलन कर रही है और दूसरी ओर कार्यरत कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा रहा है. इससे उसका दोगलेपन उजागर हो गया है. उन्होंने कहा कि ऊर्जामंत्री नितिन राऊत को इस ओर तुरंत ध्यान देकर कर्मचारियों को बेरोजगार करने की कार्यवाही रोकनी चाहिए. नौकरी के भरोसे पर ही अनेक कर्मचारियों ने शादी की और अपना परिवार चला रहे हैं. कोरोना काल में उन्हें अचानक इस तर एक मैसेज भेजकर बेरोजगार करने से उनके भूखे मरने की नौबत आ जाएगी.