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नागपुर. कोरोना से निपटने के उपायों में मनपा आयुक्त की ओर से भले ही मास्क पहनने और सोशल डिस्टेन्सिंग का कड़ाई से पालन करने की हिदायत दी जा रही हो, लेकिन मनपा मुख्यालय के ही अतिक्रमण उन्मूलन विभाग में इसकी धज्जियां उड़ने से ‘दिया तले अंधेरा’ की कहावत चरितार्थ होते दिखाई दे रही है. राज्य सरकार की ओर से अनलॉक की घोषणा करने के बाद मनपा आयुक्त की ओर से भी कई मामलों में छूट प्रदान की गई. किंतु सरकारी कार्यालयों और निजी कार्यालयों में सीमित उपस्थिति पर अभी भी पाबंदी बरकरार है. पाबंदी के बावजूद इस विभाग में प्रतिदिन 70 से 80 कर्मचारियों और लोगों का जमावड़ा देखा जा रहा है. नियमों को लेकर मनपा आयुक्त के रूख और उनके कार्यालय के उपर की मंजिल पर इस तरह से नियमों के हो रहे उल्लंघन पर आश्चर्य जताया जा रहा है. 

कोरोना से बाधित होने का भय
सूत्रों के अनुसार मनपा के अतिक्रमण उन्मूलन विभाग में कार्रवाई के लिए 3 टीम बनाई गई है. प्रत्येक टीम में 15 से 20 कर्मचारियों को शामिल किया गया है. प्रतिदिन कार्रवाई के दौरान प्रत्येक टीम को मनपा के वाहन से घटनास्थल पर पहुंचाने की व्यवस्था की जाती है. आलम यह है कि एक छोटे से वाहन मे 15 से 20 कर्मचारियों को बिना सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन किए भेजा जा रहा है. यहां तक कि पूरे शहर में कोरोना का फैलाव होने के बावजूद आवासिय क्षेत्रों में कर्मचारियों के जाने से अब विभाग में भी कोरोना से बाधित होने का भय जताया जा रहा है. विशेषत: हाल ही में सिटी के हाटस्पाट सतरंजीपुरा जोन अंतर्गत आनेवाले नाईक तालाब बांगलादेश परिसर में कार्रवाई के लिए टीम को भेजा गया था. 

हाईकोर्ट लगा चूकी है रोक
सूत्रों के अनुसार एक याचिका पर सुनवाई के दौरान मुंबई हाईकोर्ट की ओर से आदेश जारी किए गए. जिसके अनुसार कोरोना के इस संकटकाल में भले ही अदालतों की ओर से उन्मूलन के आदेश दिए हो, लेकिन 15 जुलाई तक इन आदेशों को स्थगित रखने के आदेश हाईकोर्ट से दिए गए. हाईकोर्ट की ओर से स्पष्ट आदेश दिए जाने के बावजूद कई मामलों में उन्मूलन एवं तोडू कार्रवाई को विभाग की ओर से अंजाम दिया जा रहा है. यहां तक कि कोरोना का भय होने के बाद भी आयुक्त के आदेश के कारण मजबूरन दस्ते के कर्मचारियों को इसका पालन करना पड़ रहा है.