Nitin raut

    नागपुर. शहर में कई योजनाओं और प्रकल्पों पर काम होता है लेकिन मनपा को आवश्यकता अनुसार आय नहीं होती है. अत: अब भविष्य में सार्वजनिक उपक्रम के प्रकल्पों में से मनपा को आय के स्रोत तैयार होंगे. इस दिशा में कार्य करने का मंत्र पालक मंत्री नितिन राऊत ने प्रशासन को दिया. सोमवार को मनपा क्षेत्र के विभिन्न विकास कार्यों पर समीक्षा बैठक ली. उन्होंने इस दिशा में विशेष ध्यान देने की अपील अधिकारियों से की.

    जिलाधिकारी रवीन्द्र ठाकरे, मनपा आयुक्त राधाकृष्णन.बी, एनएमआरडीए के सभापति मनोज सूर्यवंशी, नियोजन अधिकारी मिलिंद नारिंगे, अधीक्षक अभियंता लीना उपाध्ये आदि उपस्थित थे. बैठक में झोपड़पट्टी पुनर्वसन अंतर्गत आनेवाले आवासीय प्लैट स्कीम में लोगों की समस्याओं पर चर्चा की गई. इस संदर्भ में पूर्व पार्षद मंसूर खान ने ज्ञापन सौंपा था. जिसमें कुछ लाभार्थियों को घर नहीं मिलने की शिकायत की गई थी. जिसका शुक्रवार को बैठक लेकर निपटारा करने की हिदायत भी पालक मंत्री ने दिए.

    लाइब्रेरी का होगा कायाकल्प

    सोमवार को बैठक के दौरान लष्करीबाग स्थित बाजीराव साखरे लाइब्रेरी के आधुनिकीकरण, छोटे बच्चों तथा वरिष्ठ नागरिकों के लिए रीडिंग रूम तैयार करने को लेकर प्रस्तुतिकरण किया गया. जहां पर आधुनिक सुविधाएं और स्पर्धा परीक्षा के संदर्भ में मार्गदर्शन केंद्र निर्मित करने के निर्देश प्रशासन को दिए गए. साथ ही इन स्थलों पर नियमित जलापूर्ति, खानपान की सुविधा तथा इन स्थानों पर सुविधाओं के लिए सर्वेक्षण करने की सूचना भी प्रशासन को दी. उल्लेखनीय है कि लंबे समय से इस ई-लाइब्रेरी के लिए आवश्यक निधि उपलब्ध कराने की मांग होते रही हैं. मनपा की ओर से कई बार आश्वासन दिया गया, यहां तक कि तत्कालीन स्थायी समिति सभापति और तत्कालीन महापौर ने इसका दौरा कर उचित निर्णय लेने की घोषणा भी की. किंतु इसे न्याय नहीं मिल पाया. अब समीक्षा बैठक में मुद्दा उठने से इसका कायाकल्प होने की उम्मीद जताई जा रही है.

    मनपा करेगी डॉ. आम्बेडकर उद्यान का विकास

    बैठक में डॉ. बाबासाहब आम्बेडकर उद्यान के आधुनिकीकरण पर भी प्रस्तुतिकरण किया गया. वर्तमान में यह प्रकल्प प्रन्यास के पास होने तथा विकास के लिए मनपा को हस्तांतरित करने की सूचना पालक मंत्री ने दी. चर्चा के दौरान मनपा आयुक्त राधाकृष्णन.बी ने हस्तांतरण होने के बाद आवश्यक विकास कार्य करने की जानकारी दी. यहां पर नए सिरे से विपश्यना केंद्र व उद्यान तैयार करने पर चर्चा की गई. जिसके बाद श्रीलंकन पद्धति से वास्तु तैयार करने के आदेश भी दिए. अम्बाझरी स्थित डॉ. आम्बेडकर सांस्कृतिक सभागृह को लेकर चर्चा के दौरान जिम्मेदार अधिकारी उपस्थित नहीं होने से अगली बैठक में इस पर चर्चा करने का निर्णय लिया गया.