In Akola district due to continuous rain Heavy loss of farm crops, farmers in economic crisis

नागपुर. लौटते मानसून की बारिश से सोयाबीन की पकी हुई फसल पर खतरा छा गया है. बुधवार को सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए थे, दोपहर बाद तक बादलों की मोटी परतों ने पूरे जिले को ढंक लिया. सब तरफ बिजली की चमक और गड़गड़ाहट के साथ बूंबाबादी शुरू हुई जो देर रात तक चलती रही.

कुछ जगहों पर तेज बौछारें भी देखने को मिलीं. साथ ही तेज हवा के झोंकों ने मौसम को और ठंडा बना दिया. शाम की बारिश जिले की सभी तहसीलों में देखने को मिली. जिले के काटोल, कलमेश्वर, सावनेर, हिंगना इलाकों में संतरे के बागानों में वैसे ही अतिवृष्टि से नुकसान हो चुका है, ऐसे में किसान वर्षा की जरूरत महसूस नहीं कर रहे हैं.

सोयाबीन की फसल खेतों में तैयार है. कई जगह इसकी कटाई चल रही है. ऐसी स्थिति में सोयाबीन को नुकसान होने की खबर है. वहीं जिले के पूर्वी हिस्से पारशिवनी, कन्हान, रामटेक, मौदा, भिवापुर, कुही, उमरेड आदि इलाकों में धान की फसल अभी पकने पर है. इसी बारिश से फायदा मिल सकता है.