Stamp Paper
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    नागपुर. जिला अधिकारी कार्यालय में चल रही स्टैंप पेपर की कालाबाजारी की जानकारी मिलने के बाद क्राइम ब्रांच के यूनिट-2 ने छापेमारी की. पुलिस ने 4 वेंडरों को बैकडेट में स्टैंप पेपर बेचते रंगे हाथ गिरफ्तार किया. 100 रुपये का स्टैंप पेपर 1,000 रुपये में बेचा जा रहा था. पकड़े गए आरोपियों में उत्कर्ष वलय अपार्टमेंट, खरे टाउन निवासी बीना यशवंत अडवानी (60), भिलगांव निवासी भीमाबाई राजू वानखेड़े (53), सुभाषनगर निवासी आशीष गुलाबराव शेंडे (27) और खलासी लाइन, मोहननगर निवासी हिमांशु धीरज सहारे (20) का समावेश है.

    पुलिस को जानकारी मिली थी कि जिलाधिकारी कार्यालय परिसर के वेंडर अवैध तरीके से लोगों को स्टैंप पेपर बेच रहे हैं. ग्राहक पैसे देकर चाहे जिस तारीख का स्टैंप पेपर खरीद सकता है. क्राइम ब्रांच के यूनिट-2 ने वेंडरों को रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई. पंटर ग्राहकों को स्टैंप पेपर लेने के लिए भेजा गया. उपरोक्त 4 आरोपियों ने 1 अप्रैल 2021 की तारीख की एंट्री कर 100 रुपये का स्टैंप पेपर 1,000 रुपये में बेचा. पुलिस ने उन्हें दबोच लिया.

    घर में मिले 47 स्टैंप पेपर बरामद

    पुलिस को जानकारी मिली कि बीना अडवानी के घर में बड़े पैमाने पर स्टैंप पेपर हैं. उसे पकड़ते ही घर की तलाशी ली गई. जांच में 15,500 रुपये के 47 स्टैंप पेपर बरामद हुए. आश्चर्य की बात ये थी कि स्टैंप पेपर पर पुरानी तारीखें डाली गई थीं और फर्जी नाम से एंट्री की गई थी. सभी वेंडरों को स्टैंप पेपर की बिक्री का रजिस्ट्रेशन सरकारी रजिस्टर में करना होता है. चारों के रजिस्टर खंगाले गए. 1 ही नाम की अनेक एंट्री मिली. धोखाधड़ी करने वाले इसी तरह स्टैंप पेपर पर पुराने करारनामे तैयार करते हैं और इसमें वेंटरों की भी मिलीभगत होती है. इन स्टैंप पेपर का उपयोग न्यायालय में भी किया जाता है.

    स्टैंप पेपर पर पुरानी तारीखें डाली जाती हैं. ग्राहक को स्टैंप पेपर बेचने के बाद रजिस्टर में दर्ज नामों पर वाइटनर लगाकर फर्जी एंट्री की जाती है. आरोपियों के खिलाफ सदर थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है. डीआईजी सुनील फुलारी के निर्देश पर डीसीपी गजानन राजमाने और एसीपी बी.एन. नलावड़े के मार्गदर्शन में इंस्पेक्टर किशोर पर्वते, पीएसआई लक्ष्मीछाया तांबुसकर, पी.एम. मोहेकर, एएसआई राजेश ठाकुर, मोहन शाहू, हेड कांस्टेबल संतोष मदनकर, रवि शाहू, सतीश पांडे, राजेश तिवारी, रामनरेश यादव, सुनील कुंवर, शेषराव राऊत, योगेश गुप्ता, श्याम गोरले, विनोद सोनटक्के, कमलेश गहलोद और प्रवीण जाधव ने कार्रवाई की.