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  • बंद होने से हो रही सर्वाधिक परेशानी

नागपुर. मार्च महीने से सिटी बसें बंद हैं. एसटी की बसों को तो अब पूरी तरह से शुरू कर दिया गया है लेकिन सिटी बसों की ओर किसी का ध्यान ही नहीं है. पूरे 7 महीने से सिटी बसें बंद होने से हजारों लोगों को परेशानी हो रही है. हालांकि स्कूल-कालेज बंद हैं लेकिन सारे व्यापारिक संस्थान, कार्यालय खुल चुके हैं. कारखाने शुरू हो गए हैं. इनमें हजारों की संख्या में लोग काम करते हैं. जो सिटी बसों का उपयोग आने-जाने के लिए किया करते थे. इनमें महिलाओं की बड़ी संख्या है.

सिटी के दूरस्त बस्तियों से बाजार क्षेत्र में, कार्यालयों आना-जाना सिटी बसों से ही होता था. कलमेश्वर, कामठी, कन्हान, पारडी, गोधनी, दाभा, बूटीबोरी आदि से भी सिटी बसों में लोग आते-जाते थे. वे अभी दिक्कत में हैं. कब सिटी बसें शुरू की जाएंगी इसका अता-पता नहीं है. नागरिकों विशेषकर महिलाओं द्वारा मांग की जा रही है कि अब कम से कम महिलाओं के लिए ‘आपली बस’ सेवा तुरंत शुरू कर दी जाए. कम से कम उन्हें तो राहत मिलेगी.

जेब पर पड़ा रहा बोझ

हजारों की संख्या में महिलाएं सिटी बसों का उपयोग बाजार, कार्यालय या फिर अपने नाते-रिश्तेदारों के यहां आने-जाने के लिए नियमित रूप से किया करती थीं. नौकरीपेशा वर्ग की महिलाओं ने अपने मंथली पास बनवा रखे थे जिससे उन्हें काफी कम पैसों में सुविधा मिल जाती थी. जबसे लाकडाउन के चलते बसें बंद हुई हैं उन्हें आटो या निजी वाहनों से आना-जाना पड़ रहा है. इसमें खर्च कईगुना बढ़ गया है. पिछले 7 महीनों से उनके जेब पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है. अनेक व्यापारिक संस्थाओं में काम करने वाली महिलाओं को बहुत कम वेतन मिलता है और उसका आधा तो आने-जाने में ही खर्च हो रहा है. अब जब अनलाक की प्रक्रिया में एसटी की बसों को शुरू कर दिया गया है तो सिटी में कम से कम महिलाओं के लिए ‘आपली बस’ सेवा तत्काल शुरू कर दी जानी चाहिए ताकि उन्हें दिक्कतों से राहत मिल सके.

बैठक में कोई निर्णय नहीं

बीते दिनों सिटी बसों को शुरू करने के लिए मनपा में परिवहन समिति की बैठक हुई थी. लेकिन उस बैठक में बसों को शुरू करने का कोई निर्णय नहीं लिया जा सका. सिटी में अब कोरोना का कहर कम होने लगा है. बाजार खुल गए हैं. लोगों द्वारा कोविड-19 के नियमों का पालन भी किया जा रहा है. कोविड-19 के नियमों का पालन करने की शर्त पर महिलाओं के लिए आपली बस सेवा शुरू करने की बेहद जरूरत बताई जा रही है.