CJI Bobde

    नागपुर. विश्वविद्यालय का इतिहास गौरवशाली रहा है. सभी क्षेत्रों में नाम रोशन करने वाले छात्र विवि ने दिए हैं. यही वजह है कि विवि से डिग्री हासिल करने वाले विद्यार्थियों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है. छात्रों को नये-नये क्षेत्र में अनुसंधान कर  जनकल्याण में अपना योगदान सुनिश्चित करने का आह्वान सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति विकास सिरपुरकर ने किया. वे आरटीएम नागपुर के दीक्षांत समारोह में बतौर अतिथि बोल रहे थे. 

    समारोह में राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित थे. इस अवसर पर सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश शरद बोबडे को ‘विधि पंडित’ (एलएल.डी.) की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया. कोविड नियमों का पालन करते हुए पहले दिन विशेष समारोह रखा गया. इसमें सीमित अतिथियों को ही आमंत्रित किया गया था. उपाधि हासिल करने के लिए न्या. शरद बोबडे की जगह उनके पुत्र श्रीनिवास बोबडे मौजूद थे. मंच पर उप कुलपति प्रा. सुभाष चौधरी, प्र-उपकुलपति प्रा. संजय दुधे व कुलसचिव राजू हिवसे सहित सभी संकायों के अधिष्ठाता उपस्थित थे. 

    ह्युमिनिटी, अभियांत्रिकी के बीच बनाएं तालमेल 

    उन्होंने कहा कि नागपुर की टाइगर केपिटल के नाम से भी पहचान है. इस क्षेत्र में भी अधिकाधिक अनुसंधान होना चाहिए. ह्युमिनिटी, अभियांत्रिकी के मेलजोल से नये अनुसंधान को दिशा दी जा सकती है. भविष्य में पेट्रोलियम पदार्थ की कमी पड़ने वाली है. इस वजह से इथेनॉल के अनुसंधान पर अधिक जोर देने की जरूरत है. इस अवसर पर उप कुलपति चौधरी ने कहा कि विवि के विधि विभाग परिसर में संविधान प्रस्ताविका पार्क तैयार किया जा रहा है. उन्होंने विवि द्वारा किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी. शैक्षणिक गतिविधियों सहित छात्रों के अचीवमेंट पर भी प्रकाश डाला. विवि ने दीक्षांत समारोह ऑनलाइन होने के कारण यू-ट्युब, फेसबुक व सिस्को वेबेक्स माध्यम पर भी लाइव प्रसारण किया. इस बीच कुछ देर के लिए तकनीकी दिक्कतें भी आईं. 

    12 से डिग्री और पुरस्कारों का वितरण 

    कोरोना की वजह से इस बार दीक्षांत समारोह का स्वरूप ही बदल गया है. पहले दिन विशेष समारोह के साथ ही डिग्रियां भी अवार्ड की गईं. लेकिन पीएचडी सहित छात्रों को पुरस्कारों का वितरण बाकी है. जगह की कमी और सोशल डिस्टेंसिंग की वजह से अब 12 जुलाई से 5 दिनों तक कार्यक्रम जारी रहेगा. इसमें 77,912 स्नातक और स्नातकोत्तर डिग्रियां, 867 पीएच.डी. प्रदान की जाएंगी. 12 जुलाई से हर दिन 2 सत्र में पुरस्कारों का वितरण किया जाएगा. सुबह ११ से दोपहर १ बजे तक विज्ञान व तकनीकी संकाय तथा वाणिज्य व प्रबंधन संकाय के पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे.