Daga Hospital

  • डागा हॉस्पिटल के सामने किया प्रदर्शन

नगापुर. डागा हॉस्पिटल में पिछले 10 वर्षों से काम कर रहीं 40 महिला सफाई कामगारों को अचानक बिना कोई सूचना देते हुए हटा दिया गया. दुर्भाग्य की बात यह है कि 1 मई कामगार दिवस के दिन उन्हें बेरोजगार किया गया. राकां विद्यार्थी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रवि पराते ने आरोप लगया है कि कामगारों के खिलाफ डागा हॉस्पिटल प्रबंधन और ठेकेदार की साजिश है.

सवाल किया गया है कि ऐसा क्या हो गया कि कोरोना महामारी के संकटकाल में सेवा दे रहीं 40 महिला सफाई कर्मचारियों को बिना कोई सूचना देते हुए हटा दिया गया और नई महिलाओं को काम पर रखा गया. उनके नेतृत्व में कामगारों ने इस अन्याय के खिलाफ प्रदर्शन किया और काम पर वापस लेने की मांग की.

सफाई कामगारों का कहना है कि कोविड संकट काल में कोविड योद्धा बनकर सेवा देने के बावजूद उनके साथ अन्याय क्यों किया गया. पराते ने चेतावनी दी है कि अगर संबंधित ठेकेदार ने सभी कामगारों को वापस नहीं लिया तो स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर जांच कराने और कार्रवाई की मांग करेंगे.