Corona becoming common in normal life, changing people's habits

  • हाईकोर्ट ने भी मांगा शपथपत्र

नागपुर. सुको की ओर से वर्ष 2009 में एक याचिका पर सुनवाई करते हुए नियम निर्धारित किए. एकता जजमेंट के नाम से उजागर इस फैसले के अनुसार जनहित याचिका 98/2006 में भी 1 नवंबर 2017 को जारी आदेश में प्रतिवादी पक्ष को अलग-अलग दिशा निर्देश जारी किए गए. जिसमें किसी भी मार्केट से 150 मीटर के भीतर हाकिंग को अनुमति नहीं होने के स्पष्ट उल्लेख है.

इसके बावजूद सीताबर्डी में धडल्ले से हाकिंग जारी है. अत: इसे रोकने के लिए प्रतिवादी पक्ष को उपयुक्त आदेश जारी करने का अनुरोध कर विजय अग्रवाल की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई. याचिका पर सुनवाई के बाद न्यायाधीश सुनील शुक्रे और न्यायाधीश अविनाश घारोटे ने राज्य सरकार के गृह विभाग से लेकर पुलिस और ट्राफिक को नोटिस जारी कर 2 नंवबर तक हलफनामा पेश करने के आदेश दिए. 

धार्मिक स्थल, शिक्षा संस्थान आदि के लिए भी आदेश

याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे वकील द्वारा सुनवाई के दौरान बताया गया कि अदालत के आदेश के अनुसार धार्मिक स्थलों, शिक्षा संस्थानों, अस्पताल के 100 मीटर के दायरें में हाकिंग नहीं किया जा सकता है. यहां तक कि महानगर पालिका, रेलवे स्टेशन या अन्य मार्केट क्षेत्र के 150 मीटर परिसर के भीतर हाकिंग को अनुमति नहीं है. यहां तक कि फूटओवर ब्रीज या ओवरब्रीज पर भी हाकिंग को पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है. लेकिन नियमों का पालन करने की जिम्मेदारी वाले विभाग इसे नजरअंदाज कर एक तरह से कानून की खिल्ली उड़ा रहे हैं. 

सीताबर्डी मेन रोड पर लगाए पुख्ता पुलिस बंदोबस्त

याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि विशेष रूप से सीताबर्डी मेन रोड पर कानून की धज्जियां उडाई जाने के मामले उजागर हो रहे है. अत: मेन रोड पर तथा फूटपाथों पर हाकर्स ना रहे और अवैध रूप से हाकर्स का संचालन नहीं होना चाहिए. यहां तक कि सड़कों तक फैलाए जानेवाले सामान से होनेवाली ट्राफिक समस्या को हल करने पर्याप्त और पुख्ता पुलिस बंदोबस्त लगाने के आदेश पुलिस प्रशासन को देने का अनुरोध अदालत से किया गया.

दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने आदेश में कहा कि सुको द्वारा दिए गए आदेश और इस मामले में भी अदालत द्वारा जारी किए गए आदेशों का पालन निश्चित ही हो रहा है. लेकिन सुको के आदेश का पालन नहीं होने का संभ्रम किसी में ना रहे, इसके लिए हलफनामा दायर करने के आदेश पुलिस प्रशासन को दिए.