Strong rain in the city, water accumulated on the roads

    • मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा बैठक में विभागीय आयुक्त के निर्देश

    नागपुर. मौसम विभाग की ओर से मानसून के शीघ्र आने की संभावना के मद्देनजर संभाग के बाढ़ प्रभावित गांवों में जनहानि और फसलों को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश विभागीय आयुक्त डॉ. संजीव कुमार ने दिए. संभागीय आयुक्त कार्यालय के हॉल में प्री-मानसून तैयारियों की समीक्षा बैठक में उन्होंने ये निर्देश दिये.

    बैठक में भारतीय सेनादल के कर्नल बढिये, भारतीय हवाई दल के विंग कमांडर लक्ष्मण के. राव, राज्य आपदा प्रतिक्रिया दल के कमांडर पंकज डहाणे, सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता पवार, राजस्व उपायुक्त मिलिंद सालवे, सामान्य प्रशासन विभाग के उपायुक्त श्रीकांत फडके, विकास उपायुक्त अंकुश केदार, स्वास्थ्य उपसंचालक डॉ. संजय जैस्वाल, पुलिस उपायुक्त राजमाने, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षक अभियंता विद्याधर सरदेशमुख समेत अन्य संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति रही. 

    तटवर्ती गांवों को किया सतर्क 

    उन्होंने सिंचाई परियोजना से बाढ़ का पानी छोड़ते समय तटवर्ती गांवों को सतर्क रहने का निर्देश देते हुए कहा कि पिछले बाढ़ प्रभावित गांवों में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल द्वारा संभाग में मॉक ड्रिल कराने के लिए जिला स्तर पर सभी प्रणालियां मौजूद रहेंगी. यह सुनिश्चित करने के लिए ध्यान रखा जाना चाहिए कि जिला और तालुका स्तर पर नियंत्रण कक्ष चौबीसों घंटे खुले रहें और इस नियंत्रण कक्ष में आवश्यक जानकारी के साथ तत्काल प्रतिक्रिया प्राप्त करें.

    अंतर्राज्यीय नदियों के मामले में वर्षा और बाढ़ पर सूचना का आदान-प्रदान करें. जिले की जिला आपदा प्रबंधन योजना को अद्यतन किया जाए. आपदा प्रबंधन के लिए सभी सामग्री अच्छी स्थिति में हो और इसे तत्काल उपयोग के लिए प्रमाणित किया जाए और इसकी रिपोर्ट तुरंत प्रस्तुत की जाए.

    कोविड-19 के नियमों का सख्ती से हो पालन  

    उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के चलते मान सून काल में आपदा प्रबंधन के संबंध में कोविड-19 के नियमों का कड़ाई से पालन कराने का ध्यान रखा जाए. फसलों और फलों को नुकसान होने की स्थिति में आवश्यक सावधानी बरतनी चाहिए. साथ ही बाढ़ से हुए नुकसान के बाद नुकसान की रिपोर्ट तैयार करने वाले व्यक्ति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए. ऐसे परिवारों को प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने की स्थिति में तत्काल राहत प्रदान करने के लिए जिला स्तर पर योजना बनाई जाए.

    प्रशासन से समन्वय जरूरी

    प्राकृतिक आपदा बैठकों में तत्काल प्रतिक्रिया के संबंध में विभाग में समन्वय बनाये रखा जाये. साथ ही कर्मचारियों को इस संबंध में प्रशिक्षित किया जाना चाहिए. इसके लिए एसडीआर जिला स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करें. यह सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तर पर ध्यान रखा जाना चाहिए कि वायु सेना बाढ़ प्रभावित परिवारों को भोजन के पार्सल वितरित करे ताकि वे अच्छी स्थिति में रहें. यदि संबंधित अधिकारियों को बाढ़ का पानी छोड़ने से पहले आवश्यक अग्रिम सूचना मिल जाए तो सिस्टम को तैयार रखा जा सकता है. विभिन्न विभागों द्वारा भारतीय सेना द्वारा प्रभावित गांवों को सहायता प्रदान करने के लिए प्रशासन से समन्वय के साथ एक व्यक्ति को नियुक्त करने का सुझाव दिया गया.