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  • 31,080 वर्ग फुट जमीन का प्रस्ताव

नागपुर. शहर के प्रथम नागरिक महापौर के लिए शहर में बंगला रहे, इसके लिए कई दशकों से प्रयास किए जा रहे हैं. लेकिन कई कारणों से यह संभव नहीं हो पाया है. अब पुन: एक बार इस तरह के प्रयास होने जा रहे हैं. गुरुवार को मनपा की आम सभा में महापौर के बंगले के लिए पीडब्ल्यूडी की जगह मांगने का प्रस्ताव रखा गया. जिस पर चर्चा के बाद मंजूरी प्रदान की गई. प्रस्ताव के अनुसार सीताबर्डी अंतर्गत नगर भूमापन क्रमांक 1612 की 31,080 वर्ग फुट जमीन पीडब्ल्यूडी की तो है, लेकिन इसे सार्वजनिक या नीम सार्वजनिक उपयोग के रूप में डीपी प्लान में शामिल किया गया है. यही जमीन महापौर के बंगले के लिए सरकार से मांगने का प्रस्ताव तैयार किया गया है.

महापौर बंगला करें या अस्पताल करेंगे

विशेषत: गांधीनगर स्थित वर्तमान इंदिरा गांधी अस्पताल की जमीन पर महापौर का बंगला प्रस्तावित था. किंतु उस वक्त सदन के सदस्य महादेवराव भोरकर ने महापौर बंगले के बदले शहर में अस्पताल तैयार करने की मांग रखी थी. यहां तक कि सदस्यों ने अस्पताल के निर्माण के लिए सहयोग भी किया. जिसके बाद गांधीनगर का इंदिरा गांधी अस्पताल तैयार हो सका. वर्तमान में भी शहर की जनसंख्या को देखते हुए स्वास्थ्य सवाएं पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त नहीं है. महापौर बंगले के बदले कई कार्यों को अंजाम दिया सकता है. अत: इस संदर्भ में सदन ने विचार करना चाहिए.

-प्रफुल्ल गुड्धे, वरिष्ठ पार्षद, कांग्रेस.

अस्पताल कई होंगे. बंगला भी होना चाहिए

हाल ही में महापौर ने शहर के बाहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 75 स्वास्थ्य केंद्र तैयार करने की योजना तैयार की है. जिसे अमल में लाया जा रहा है. इस तरह से कई अस्पताल निर्मित हो रहे हैं. लेकिन राज्य की उपराजधानी में महापौर का बंगला जरूर होना चाहिए. मनपा की सभा में भले ही वर्ष 2021 में इसे मंजूरी दी जा रही है. लेकिन यह तुरंत निर्मित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है. इसे निर्मित करने के लिए 4 से 5 वर्ष का समय लगेगा. अत: इसे मंजूरी दी जानी चाहिए. 

-अविनाश ठाकरे, सत्तापक्ष नेता, मनपा.