murder

नागपुर. इमामवाड़ा थानांतर्गत जाटतरोड़ी में रविवार की शाम एक अपराधी की हत्या हुई. किसी समय उसी की गैंग में साथ रहने वाले युवक ने मौत के घाट उतार दिया. बताया जाता है कि बहन को उठा ले जाने की धमकी देने के कारण विवाद हुआ था. मृतक जाटतरोड़ी इंदिरानगर निवासी गिरीश देवराव वासनिक (31) बताया गया. आरोपी अभिषेक बोरकर बताया गया. गिरीश के खिलाफ 2 हत्या सहित गंभीर मामले दर्ज है.

31 दिसंबर 2018 को गिरीश ने इंदिरानगर परिसर में जमकर उत्पात मचाते हुए आकाश वाघमारे की हत्या की थी. इस वर्ष जनवरी महीने में ही वह जेल से छूटकर आया. इस हत्या के पहले तक आरोपी अभिषेक बोरकर हमेशा गिरीश के साथ ही रहता था, लेकिन उसके जेल जाने के बाद अभिषेक ने गिरीश के दुश्मन सचिन वासनिक का साथ थाम लिया. अभिषेक का कोई पुराना रिकार्ड नहीं मिला है, लेकिन वह सचिन वासनिक की गैंग में सक्रिय था.

शराब पीते समय हुआ विवाद 
शनिवार को गिरीश का दोस्त निलेश अंबरडारे जेल से छूटा. वह हल्दीराम ग्रुप के संचालक को अगवा करने के प्लान में शामिल था. निलेश ने गिरीश को अतुल भोयर के घर पर शराब पीने के लिए बुलाया. तीनों छत पर बैठकर शराब पी रहे थे. इसी दौरान अभिषेक वहां पहुंचा. गिरीश ने उसे सचिन वासनिक की गैंग में शामिल होने के लिए गालियां दी और टपकाने की धमकी दी. अभिषेक ने उसे नजरंदाज किया और सचिन के साथ ही दोस्ती रखने की बात कही. बौखलाकर गिरीश ने उसकी बहन को उठा ले जाने की धमकी दी.

इस बात से अभिषेक चिढ़ गया और दोनों के बीच मारपीट शुरु हो गई. गिरीश ने खंजर निकाल लिया. निलेश और अतुल वहां से भाग निकले. गिरीश ने अभिषेक को मारने का प्रयास किया, लेकिन उसने गिरीश के हाथ से खंजर छीन लिया. गिरीश छत से उतरकर अपनी बाइक पर बैठकर भागने लगा. 

खंजर और पत्थर से मारा
इसी दौरान अभिषेक ने उसकी छाती पर खंजर से वार किया. गिरीश वहीं गिर गया. अभिषेक ने सिर पर पत्थर से वार कर गिरीश को मौके पर ही खतम कर दिया और फरार हो गया. घटना की जानकारी मिलते ही इमामवाड़ा पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची. कुछ देर बाद रिश्तेदारों ने अभिषेक को इमामवाड़ा थाने में सरेंडर करवा दिया.

इस घटना को गैंगवार के रूप में देखा जा रहा है. गिरीश वैसे भी उत्पाती था और परिसर में झगड़ा करता था. 4-5 दिन पहले भी उसने सचिन से संबंधित किसी युवक के साथ मारपीट की थी. पुलिस का कहना है कि निलेश और अतुल हत्या के पहले ही भाग निकले थे, लेकिन चर्चा है कि योजनाबध्द तरीके से गिरीश को मौत के घाट उतारा गया. देर रात तक पुलिस जांच में जुटी थी.