अतिक्रमणकारियों के हौसले हुए बुलंद, कार्रवाई ठंडी पड़ने के चलते बढ़ी मनमानी

    नागपुर. लॉकडाउन में छूट के बाद से ही सिटी के सभी इलाकों में फुटपाथ व सड़कों पर अतिक्रमणकारी हॉकरों का हौसला बढ़ गया है. मनपा का संबंधित विभाग भी फिलहाल इन पर कार्रवाई में सुस्ती बरत रहा है. चर्चा तो यह भी है कि कभी भी कोरोना की थर्डवेव के चलते लॉकडाउन कड़ा करने की नौबत आ सकती है इसलिए हॉकरों को कमाने का अवसर दिया जा रहा है.

    यह सच भी हो तो प्रशासन के इस रवैये के चलते अतिक्रमणकारियों की मनमानी बढ़ गई है. बड़े पैमाने पर ठेले, गुमटियां फुटपाथों पर कब्जा जमा रहे हैं. इनकी संख्या भी काफी बढ़ गई है. चौराहों पर भी चारों ओर चाय-नाश्ता के ठेले, फल-सब्जी वाले, होजियरी वाले, मास्क बेचने वालों का कब्जा जमा हुआ है.

    इससे नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. बाजार परिसरों में तो सड़कों पर कब्जा होने के चलते ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है. शाम 4 बजे तक दूकानें खुली रखने की छूट के चलते भीड़ भी काफी है. कई इलाकों में तो 4 बजे के बाद भी दूकानें व ठेले, गुमटियां खुली नजर आ रही हैं.

    रोड पर हार्डवेयर, मटेरियल

    सिटी के मध्य से गुजरने वाला सेन्ट्रल एवेन्यू रोड कई बाजार परिसरों को जोड़ता है. इस रोड पर अमूमन यातायात का भारी दबाव बना रहता है. फिलहाल यहां मेट्रो रेल का काम चल रहा है जिसके चलते रोड के दोनों ओर की चौड़ाई भी कम हो गई है. बावजूद इसके इस रोड पर फुटपाथों पर ही नहीं, सड़क को घेरकर भी दूकानदार अपने सामान सजा रहे हैं.

    परेशान नागरिकों का आरोप है कि इस रोड पर मनपा के अतिक्रमण उन्मूलन दस्ते और ट्रैफिक विभाग की सेटिंग के चलते हार्डवेयर, लकड़ी की बीट व डिजाइन, रेत-गिट्टी-ईंट-लोहा आदि भवन निर्माण सामग्री के विक्रेता फुटपाथ और रोड पर काफी आगे तक सामान जमाकर दूकान सजा रहे हैं. इससे वाहन चालकों को तो परेशानी हो ही रही, साथ ही यह आश्चर्य हो रहा है कि क्या यह दादागिरी, मनपा और ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों को नजर नहीं आ रही.

    टेलीफोन एक्सचेंज चौक से आजमशाह चौक की ओर आने वाली दिशा में तो फुटपाथ को भवन निर्माण सामग्री व हार्डवेयर का सामान बेचने वाले दूकानदारों ने लील लिया है. बीच सड़क पर बड़ी-बड़ी पानी की टंकियां, पाइप, रेत-गिट्टी-ईंट आदि रखकर ये पूरी दादागिरी से अपनी दूकानें चला रहे हैं. इतना ही नहीं, चौराहे से सटी हुई कुछ लकड़ी की बीट व डिजाइन वाले अपनी दूकान के अंदर फुटपाथ को ले बैठे हैं. रेत-गिट्टी-ईंट खाली करने और लोड करने वाले ट्रक यहां दिनदहाड़े घुस रहे हैं. रोड को घेरकर लोडिंग-अनलोंडिंग की जा रही है.

    पूरे चौराहे पर कब्जा

    कोई भी व्यस्त चौराहा ऐसा नहीं है जहां अतिक्रमणकारियों का कब्जा न हो. दक्षिण नागपुर में तुकड़ोजी पुतला चौक की हालत सबसे गंभीर है. यहां तो चारों ओर दादागिरी ही चल रही है. मानेवाड़ा सीमेंट रोड की ओर जाने की दिशा में एक साइड में नारियल पानी विक्रेताओं का परमानेट कब्जा हो चुका है. सड़क पर आगे तक इनकी दूकानें सजती हैं. वहीं थोड़ा आगे फल के ठेले वालों ने बिजली के खंभों की आड़ में सड़क पर कब्जा जमा लिया है. फिश फ्राय, चिकन फ्राय, अंडा-आमलेट के ठेले वालों की भी मनमानी चल रही है.

    इस चौराहे पर बीमा अस्पताल की ओर जाने वाली दिशा में तो सिटी बस स्टाप पर ही मास्क बेचने वालों के साथ ही अन्य सामग्री बेचने वालों ने कब्जा जमा रखा है. खानपान, नाश्ता के ठेले सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल की दिशा में लगते हैं. वहीं भांडे प्लॉट चौक की ओर जाने वाली दिशा में भी अतिक्रमणकारियों की दादागिरी चल रही है. सिटी में ऐसी कोई सड़क नहीं जो अतिक्रमणकारियों से मुक्त हो. नागरिकों को इसकी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं.