BJP Press Conference, Bawankule

  • 23 को पूरे राज्य में बिजली बिल की होली जलाएगी भाजपा

नागपुर. गरीब लोगों के 100 यूनिट तक बिजली बिल माफ करने और लाकडाउन के दौरान बिजली बिलों पर राहत देने की घोषणा करने के बाद राज्य की महाविकास आघाड़ी सरकार ने अब पलटी मार दी है. वह अपने आश्वासनों व वादों से मुकर रही है. इस सरकार का फ्यूज उड़ गया है. यह कहना है राज्य के पूर्व ऊर्जामंत्री चंद्रशेखर बावनकुले का. उन्होंने प्रेस परिषद में कहा कि इस सरकार के खिलाफ 23 नवंबर को पूरे राज्यभर में भाजपा बिजली बिलों की होली जलाएगी.

प्रेस परिषद में शहर अध्यक्ष प्रवीण दटके, सांसद विकास महात्मे, विधायक टेकचंद सावरकर, अर्चना डेहनकर, चंदन गोस्वामी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे. बावनकुले ने कहा कि राज्य के ऊर्जामंत्री ने बीपीएल वर्ग में 0 से 100 यूनिट बिजली का उपयोग करने वाले ग्राहकों को 5 साल बिजली बिल की माफ़ी देने की घोषणा की थी.

कोरोना लॉकडाउन के दौरान मार्च से जून महीने तक के बिजली बिल में राहत देने का आश्वासन महाविकास आघाड़ी सरकार ने दिया था लेकिन ग्राहकों को बिना मीटर रीडिंग लिए ही एवरेज बिल के नाम पर हजारों रुपए के बिजली बिल भेजे गए. दूकान, ऑफिसेस बंद होने के बावजूद भी लाखों के बिजली के बिल दिए गए. इसके बाद दिवाली में बिजली बिल माफ़ी का सुखद समाचार देने की बात कही गई. लेकिन अब इस सरकार ने पलटी मार दी और ग्राहकों को चेतावनी दी जा रही है कि बिजली बिल भरना ही होगा. बावनकुले ने कहा कि इस सरकार का फ्यूज उड़ गया है.

जिम्मेदारी राज्य की

बावनकुले ने कहा कि सरकार बिजली बिल के नाम पर केंद्र सरकार की तरफ इशारा कर रही है, जबकि बिजली कंपनियों का जिम्मा राज्य सरकार की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि सरकार कह रही है कि पिछली भाजपा सरकार ने बिजली बिल बकाया रखे थे, जिसके कारण अब मौजूदा सरकार बिल माफ़ नहीं कर सकती. इस सरकार की बात सरासर गलत और बेबुनियाद है.

उन्होंने बताया की भाजपा की सरकार ने 45 लाख किसानों का 5 साल तक बिजली का बिल वसूल नहीं किया था. किसानों ने साथ भाजपा सरकार खड़ी थी. चूंकि इस सरकार ने बिजली बिल माफ़ नहीं किया इसलिए अब महावितरण का बकाया का मामला सामने रही है. बकाया का बिजली बिल माफ़ी से कोई लेना देना नहीं है.

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने किसानों की बकाया की चिंता न करते हुए किसानों को कृषि पंप कनेक्शन दिए. हमने 2019 तक 6 लाख कृषि पंप जोड़े थे. किसानों को लोडशेडिंग मुक्त बिजली दी गई थी. इस सरकार के वादाखिलाफी से जनता में आक्रोश है. भाजपा 23 नवंबर को बिजली बिलों की होली जलाकर इस सरकार का निषेध करेगी.