ST bus

  • सेकंड स्ट्रेन से ST को रोज हो रहा 4 लाख का घाटा
  • गुरुवार को कमाए 10 की जगह सिर्फ 6 लाख रुपए

नागपुर. कोरोना के सेकंड स्ट्रेन ने महानगर को वापस हिलाकर रख दिया है. शहर की अर्धव्यवस्था वापस पटरी से उतरने लगी है. रोज मजदूरी कर कमाने-खाने वाले मजदूरों के सामने लॉकडाउन के कारण पैसे की समस्या आने लगी है. ऐसे में एसटी महामंडल भी इससे अछूता नहीं रहा है. एसटी महामंडल इन दिनों रोजाना 3 से 4 लाख रुपए घाटे में चल रहा है. वहीं 15 से 21 मार्च के बीच होने वाले लॉकडाउन में बसों की संख्या घटकर मात्र 25 से 30 प्रतिशत ही रह जाएगी. बसों की टाइमिंग भी बुरी तरह प्रभावित होगी. यात्रियों की इसकी जानकारी ऑनलाइन या बस स्टैंड पर आकर ही मिलेगी. यात्रियों की संख्या कम होने से एसटी का घाटा दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है. ऐसे में अब लॉकडाउन को लेकर एसटी महामंडल जल्द ही नई गाइडलाइन जारी करने वाला है. फिलहाल प्लानिंग हो रही है.

रोज घट रही है कमाई

एसटी महामंडल की कमाई रोजाना घट रही है. यात्रियों की संख्या कम होने के कारण एसटी को यह नुकसान उठाना पड़ रहा है. एसटी बस स्टैंड के इंचार्ज दीपक तामगाडगे ने बताया कि सेकंड स्ट्रेन के लॉकडाउन के पहले जहां गणेशपेठ का एसटी बस स्टैंड रोजाना 10 लाख से अधिक की कमाई करता था, वो अब घटकर महज 5 से 6 लाख रुपए ही रह गई है. रोजाना 3 से 4 लाख रुपए का नुकसान होना आम बात है. यही हालत रही तो आने वाले समय में एसटी का संचालन भी मुश्किल हो जाएगा.  

बदल जाएगी बसों की टाइमिंग

15 से 21 मार्च के बीच लगने वाले लॉकडाउन को लेकर एसटी मैनेजमेंट फिलहाल तैयारियों में जुटा हुआ है. अधिकारियों ने बताया कि लॉकडाउन के कारण बसों की संख्या यात्रियों की संख्या कम होने के कारण अपने आप ही कम हो जाएगी. इसके बाद बसों की टाइमिंग चेंज हो जाएगी. जब यात्रियों की संख्या एक बस चलाने के लिए पर्याप्त हो जाएगी तभी उसे संबंधित रूट पर भेजा जाएगा. जब तक पर्याप्त यात्री न हो जाएं तब तक इंतजार किया जाएगा.

…तो लागू होगा 50 प्रश यात्रियों का नियम

नई गाइडलाइन को लेकर तैयारी चल रही है. अधिकारियों का कहना है कि एक बस में 50 प्रतिशत यात्रियों को बैठाने का नियम लागू हो सकता है. फिलहाल इसकी तैयारी चल रही है. अभी भी एक बस में जहां 44 यात्री आने चाहिए वहां सिर्फ 20 से 25 ही आ रहे हैं. वहीं जिस बस में 30 यात्री बैठते थे, उसमें 15 से 17 यात्री ही सफर कर रहे हैं. ऐसे में यह नियम कोरोना की वजह से अनिवार्य रूप से लागू हो जाएंगे. अभी जो छूट दी गई थी वो बंद हो जाएगी.

अभी प्लानिंग नहीं हुई है…

15 से 21 मार्च तक होने वाले लॉकडाउन को लेकर फिलहाल नई कोई गाइडलाइन अभी नहीं मिली है. प्लानिंग चल रही है. जो भी प्लानिंग बनेगी यात्रियों की सहूलियत के हिसाब बनेगी, जिसे जारी कर लोगों को बताया जाएगा.

-दीपक तामगाडगे, ST बस स्टैंड इंचार्ज