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  • अब जुर्माना माफी की घोषणा, पानी कर के लिए भी अभय योजना
  • 114 करोड़ दंड की है राशि

नागपुर. कोरोना काल में लॉकडाउन और महामारी के लगातार बढ़ रहे आंकड़ों के बावजूद लोगों के आर्थिक संकट में होने का हवाला देते हुए सत्तापक्ष ने सम्पत्ति कर और जल कर में 50 प्रतिशत की छूट देने के लिए तत्कालीन आयुक्त मुंढे को घेरा था, किंतु अब मुंढे के तबादले के बाद सत्तापक्ष के सुर बदल गए हैं. इसका अंदाजा इसी से लगाया सकता है कि अब जहां सम्पत्ति कर के जुर्माने में रकम अदा करने की शर्त पर प्रतिशत के आधार पर छूट देने की घोषणा की गई, वहीं पानी कर के बकाया में भी केवल जुर्माना राशि में ही छूट देने की घोषणा स्थायी समिति सभापति पिंटू झलके और मनपा आयुक्त राधाकृष्णन बी ने मंगलवार को की.

उन्होंने कहा कि बकाया के अलावा जुर्माना के तौर पर ही 114 करोड़ रु. का आंकड़ा है, जिसमें से बड़ी राशि माफ करने का बड़ा निर्णय हो रहा है. सत्तापक्ष के अचानक बदले तेवर को देखते हुए आश्चर्य जताया जा रहा है. वहीं पहले की गई घोषणा के अनुसार छूट देने की मांग भी की जा रही है. कार्यकारी महापौर मनीषा कोठे, दयाशंकर तिवारी, संदीप जाधव उपस्थित थे.

21 दिसंबर से 2 चरणों में अभय योजना

उन्होंने कहा कि पानी कर के बकाया पर लगाए गए जुर्माना को माफ करने के लिए वन टाइम सेटलमेंट में 114 करोड़ रु. में से बड़ी रकम माफ होने की संभावना है. 21 जनवरी से इस योजना की शुरुआत होगी. 21 जनवरी के पूर्व यदि बकाया अदा किया गया तो जुर्माना 100 प्रतिशत माफ होगा. जबकि 21 जनवरी के बाद 22 फरवरी तक 70 प्रतिशत जुर्माना माफी दी जाएगी. उन्होंने कहा कि योजना 2 माह तक चलती रहेगी जिसके बाद बड़े पैमाने में अवैध और बकायादारों की जलापूर्ति खंडित करने का अभियान शुरू किया जाएगा.  

मूल कर माफी राज्य सरकार का अधिकार

सत्तापक्ष द्वारा अब तक 50 प्रतिशत की माफी को लेकर मचाए गए हंगामे को लेकर पूछे जाने पर वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग से जवाब देते हुए महापौर संदीप जोशी ने कहा कि यह अधिकार राज्य सरकार को है. राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजने पर पहले ही मनपा ने मुहर लगा दी है. अत: राज्य सरकार को यह निर्णय लेना होगा. मनपा के अधिकार क्षेत्र में केवल बकाया पर लगाए जानेवाले जुर्माना को माफ करने का मसला आता है.

मनपा के प्रमुख आर्थिक स्रोत सम्पत्ति कर और पानी कर में काफी समय से बकाया चल रहा है. अत: वन टाइम सेटलमेंट की योजना लाकर बकाया वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया जा रहा है. उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2017-18 में भी वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू की गई थी, जिसमें 103 करोड़ में से केवल 13.80 करोड़ की ही वसूली हो पाई थी. 

3,72,000 हैं कुल उपभोक्ता

2,57,000 के पास वैध कनेक्शन

212.67 करोड़ का है बकाया

98.51 करोड़ की मूल राशि

114.16 करोड़ का बकाया पर जुर्माना