Love Jihad

  • विप में विपक्ष नेता दरेकर ने की घोषणा

नागपुर. महाराष्ट्र में भाजपा की सत्ता आने पर उत्तर प्रदेश की तर्ज पर ‘लव-जिहाद’ कानून बनाने की घोषणा विधान परिषद में विपक्ष के नेता प्रवीण दरेकर ने पत्र-परिषद में की. स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी संदीप जोशी के प्रचार के लिए पहुंचे दरेकर ने कहा कि सत्ता में आने के बाद शिवसेना का कांग्रेसीकरण हो गया है, जिससे अब शिवसेना हिन्दुत्व भूल गई है. सांसद विकास महात्मे, गिरीश व्यास, प्रवीण दटके, कृष्णा खोपडे और चंदन गोस्वामी उपस्थित थे. उन्होंने कहा कि अब शिवसेना पहले जैसी नहीं रही. महाविकास आघाड़ी सरकार से जनता त्रस्त हो गई है. मुख्यमंत्री ठाकरे को समस्याओं का निवारण नहीं जम रहा है जिससे प्रधानमंत्री से भाजपा के कार्यकर्ताओं पर अंकुश लाने की गुहार लगाते हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मराठा और ओबीसी को न्याय देने में असमर्थ रही है. मराठा आरक्षण को लेकर सरकार गंभीर दिखाई नहीं दे रही है. 

असफलता छुपाने केंद्र पर आरोप

केंद्र सरकार से वित्तीय मदद नहीं मिलने के अजीत पवार के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए दरेकर ने कहा कि केंद्र सरकार ने संकटकाल में राज्य सरकार को हरसंभव मदद की है. केवल राज्य सरकार की असफलता को छुपाने के लिए ही इस तरह की बयानबाजी की जा रही है. केंद्र सरकार की ओर से राज्य को एनडीआरएफ का निधि दिए जाने की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि जीएसटी का हिस्सा भी राज्य सरकार को समय पर दिया गया है. उन्होंने कहा कि कई स्तर पर राज्य सरकार की विफलता उजागर हो रही है जिससे आघाड़ी के नेताओं की ओर से इस तरह के बयान दिए जा रहे हैं.

अंतर्गत मतभेदों से गिरेगी सरकार

हाल ही में भाजपा सांसद रावसाहब दानवे की ओर से राज्य में सत्ता परिवर्तन होने का बयान दिया था जिस पर पलटवार करते हुए राकां के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार की ओर से दानवे को ज्योतिषी करार देते हुए तंज कसा गया था. इस संदर्भ में दरेकर ने कहा कि राज्य में सत्ता का सही मायनों में लाभ राकां को हो रहा है. शिवसेना केवल सत्ता का चेहरा है, जबकि कांग्रेस केवल नाममात्र की हिस्सेदार है. वास्तविक रूप में सत्ता का मजा राष्ट्रवादी कांग्रेस की ओर से चखा जा रहा है. उन्होंने कहा कि भले ही महाविकास आघाड़ी के तीनों दलों की ओर से एकजुटता का दिखावा किया जा रहा हो, किंतु सत्यता यह है कि भीतर से इनमें कड़ा अंतर्विरोध चल रहा है. इसी विरोध के कारण शीघ्र ही राज्य सरकार गिरने की संभावना है.