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    नागपुर. नंदनवन थाने में वारिसों की मृत्यु के बाद पॉवर ऑफ अटार्नी का गलत उपयोग कर मौजा वाठोडा में 2.40 हेक्टेयर जमीन हथियाने का मामला सामने आया है. पितृवैभव अपार्टमेंट, शिवाजीनगर निवासी कविता सचिनराव किरपाने ने सचिन रामकृष्ण दुरुगकर के खिलाफ पुलिस में इस बारे में जोन 2 की डीसीपी विनीता साहू और नदंनवन थाने के पीआई से लिखित शिकायत की. ज्ञात हो कि सचिन 5 बार के पूर्व सांसद विलास मुत्तेमवार के रिश्तेदार हैं.

    2 वारिसदारों की मृत्यु

    कविता ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि मौजा वाठोडा में खसरा क्रमांक 43-44/2 में 2.40 हेक्टेयर जमीन है. इस जमीन के मालिक के रामाजी कावरे के वारिसदारों में अजय नत्थुजी कावरे, कविता सचिनराव किरपाने, अर्चना आनंद रोडे, विमल ताराचंद वाघुलकर, राधिकाबाई पांडुरंग गभणे, शंकुतला कृष्णराव कुंभलकर, अनिता विनोद कुंभलकर, सुनिता राजेश तांबे, एकादशीबाई नत्थुजी कावरे, गेंदलाल नत्थुजी कावरे और पवन नत्थुजी कावरे के नाम शामिल थे. 2 नवंबर 2016 को सभी ने सर्वसम्मति से सचिन को उक्त जमीन संबंधी कुछ विशेष निर्णयों के लिए पॉवर ऑफ अटार्नी के तौर पर अधिकार दिये.

    इनमें केवल संपत्ति के मालिकों के नाम पर महाराष्ट्र सरकार द्वारा उल्लिखित भूमि से छुटकारा पाने के लिए या भूमि का टीडीआर प्राप्त करने का अधिकार ही प्रदान किया गया था. 2 फरवरी 2017 को एक वारिसदार राधिकाबाई गभणे का निधन हो गया. नियमानुसार, राधिकाबाई की मृत्यु के साथ ही पॉवर ऑफ अटार्नी समाप्त हो गई. बकौल कविता, इसके तुरंत बाद ही सचिन को बुलाकर प्रत्यक्ष रूप से यह बता दिया गया था कि अब वह पॉवर ऑफ अटार्नी का उपयोग न करें. इसके बाद 25 फरवरी 2020 को शकुंतलाबाई कुंभलकर का भी निधन हो गया. 

    7/12 से हुआ खुलासा

    कविता ने कहा कि शकंतुला की मृत्यु के बाद हमने 9 अक्टूबर 2020 को किसी काम से उक्त प्लॉट का 7/12 अभिलेख पत्र प्राप्त किया तो पता चला कि सचिन ने उक्त भूमि उन्होंने अपने नाम करा ली है. यह पता चलते ही सभी वारिसदार हैरान रह गये क्योंकि किसी ने भी सचिन को ऐसा कोई अधिकार नहीं दिया था. 7/12 में स्पष्ट रूप से लिखा गया था कि उक्त जमीन का पंजीकरण पॉवर ऑफ अटार्नी प्राप्त एसआर दुरुगकर को दिया जा रहा है.

    हैरान करने वाली बात यह कि इस बारे में किसी भी वारिसदार या रिश्तेदार को संबंधित विभाग की ओर से न कोई सूचना मिली और न ही कोई नोटिस प्राप्त हुआ. इससे साफ है कि सचिन दुरुगकर ने धोखाधड़ी, झूठ बोलकर पॉवर ऑफ अटार्नी का गलत उपयोग कर यह जमीन अपने नाम की. कविता ने पुलिस में शिकायत कर सचिन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की.