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  • दुनिया भर में 2% ही श्रेष्ठता लिस्ट में

नागपुर. स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए सर्वेक्षण में यह विश्वेश्वरैया राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (वीएनआईटी) नागपुर के डा. कैलाश वासेवर को केमिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल किया गया है. नागपुर समेत पूरे विदर्भ के लिए गर्व की बात है. डॉ. कैलास वासेवर वीएनआईअी के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग में कार्यरत रहे हैं. उन्हें विश्व मं विश्व 369 (शीर्ष 0.66%) रैंक जबकि भारत में 18वीं मिली है.

केमिकल इंजीनियरिंग और संबद्ध क्षेत्रों में वर्गीकृत उनके उद्धरणों, एच-इंडेक्स, और प्रकाशित पत्रों की संख्या के आधार पर दुनिया भर के वैज्ञानिक के नाम शामिल थे. डा. वासेवार के 200 से अधिक जर्नल प्रकाशित हो चुके हैं, जिनमें विद्वानों के उद्धरण 5857, एच-इंडेक्स 47 और आई-10 इंडेक्स 123 हैं. उन्होंने 15 पीएचडी छात्रों मार्गदर्शन किया है और 5 को गाइडेंस जारी है.

अपने नाम किये 3 पेटेंट

ज्ञात हो कि डा. वासेवार के नाम पर 3 पेटेंट हैं. उन्होंने वह लक्ष्मीनारायण इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एलआईटी) नागपुर से केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है और इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी (आईसीटी ) मुंबई से डाक्टरेट की डिग्री हासिल की है. उन्होंने बिट्स पिलानी और आईआईटी रुड़की में भी अपनी सेवायें दी है.

उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय वीएनआईटी के निदेशक प्रा. पीएम पडोले व प्रा. डीआर पेशवे को दिया. साथ ही उन्होंने अपनी सफलता वीएनआईटी के अपने विद्यार्थियों को समर्पित किया. उनकी रिसर्च रुचि पृथक्करण प्रक्रिया के क्षेत्र में है और अन्य क्षेत्रों में भी विस्तारित है जिसमें आयनिक तरल पदार्थ, प्रक्रिया विकास और गहनता, नैनो प्रौद्योगिकी, जैव चिकित्सा आदि शामिल हैं.

उन्होंने डीएसटी, डीबीटी, डीआरडीओ, आईई (आई) और उद्योग से अनुसंधान पूरे किये हैं. वह एआईसीटीई, एनबीए, विभिन्न विश्वविद्यालयों के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के बोर्ड ऑफ स्टडीज के विशेषज्ञ सदस्य और भारतीय रासायनिक इंजीनियर्स (आईआईसीएचई) के सदस्य हैं. इसके अलावा देश के अन्य कई अनुसंधान व शैक्षणिक संस्थानों से भी वे जुड़े हुए हैं.