Nagpur High Court

  • HC ने राज्य सरकार को दिए आदेश

नागपुर. लोगों को अधिक ब्याज और लाभ पहुंचाने का लालच देकर निवेश कराने के बाद निधि नहीं देने पर कई जगह वासनकर समूह के खिलाफ शिकायतें दर्ज की गई. शिकायत दर्ज होने बाद पुलिस ने न केवल मामला दर्ज किया, बल्कि वासनकर समूह के तमाम पदाधिकारियों को गिरफ्तार भी किया.

इसी मामले में जमानत के लिए विनय वासनकर की ओर से हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया. यहां तक कि उनकी ओर से निचली अदालत में लंबित मामले की सुनवाई जल्द पूरी करने की मांग भी अदालत से की गई. सुनवाई के बाद न्यायाधीश पुष्पा गनेडीवाला ने इस संदर्भ में हाई कोर्ट द्वारा दिए गए आदेशों के अनुसार विशेष सत्र न्यायालय में लंबित मामले की सुनवाई की रिपोर्ट 2 सप्ताह में पेश करने के आदेश दिए.

वकीलों से चर्चा कर निश्चित करें प्रक्रिया

विशेषत: हाई कोर्ट की ओर से 5 जुलाई 2017 को आदेश जारी कर विशेष सत्र न्यायालय को गति से सुनवाई कर मामले का निपटारा करने के निर्देश दिए थे. याचिकाकर्ता का मानना था कि हाई कोर्ट की ओर से आदेश दिए जाने के बावजूद निचली अदालत में संतोषजनक सुनवाई नहीं हो पाई है जिसे गंभीरता से लेते हुए अदालत ने मामले के वकीलों से चर्चा कर बचे हुए गवाहों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया निश्चित करने के आदेश भी दिए.

अभियोजन पक्ष के अनुसार वासनकर वेल्थ मैनेजमेंट कम्पनी ने सैकड़ों निवेशकों के साथ करोड़ों की धोखाधड़ी की थी, जिसे लेकर पुलिस की ओर से प्रशांत वासनकर सहित सभी संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया. कम्पनी ने निवेशकों को कई गुना ब्याज देने का लालच देकर योजना में निवेश करने को उकसाया. लालच में फंसकर कई लोगों ने खून-पसीने की कमाई इसमें निवेश की. निवेश की अवधि समाप्त होने के बावजूद निवेशकों को निधि नहीं मिलने से धोखाधड़ी उजागर हुई.