Contact DCP if problem is not solved, CP Upadhyay calls citizens

  • CP ने साबित किया, कानून सबके लिए एक समान

नागपुर. आम जनता में यह मिथक है कि कानून केवल सामान्य नागरिकों के लिए जबकि सफेद पोश अपराधियों के लिए यह एक मजबूत ढाल है. इसके विपरित शहर पुलिस आयुक्त डा. भूषण कुमार उपाध्याय ने अपने 2 वर्ष के सफल कार्यकाल में सफेदपोश अपराधियों की कमर तोड़कर यह साबित किया कि कानून सबके लिए एक समान है. अपराधी छोटा हो या बड़ा, कोई भी कानून से बच नहीं सकता. ज्ञात हो शुक्रवार को सीपी डा. उपाध्याय ने नागपुर शहर पुलिस में अपना कार्यकाल पूरा कर पुणे पुलिस का भार संभाला. अपने कार्यकाल में उन्होंने शहर में बढते अपराधिक घटनाओं को कम करने के लिए कई उपक्रम चलाए और प्रतिबंधक कार्रवाई की. उनके कार्यकाल में अपराधों में 30 प्रतिशत की कमी आई. मात्र 2 वर्षों में यह एक बड़ी सफलता है.

आगे भी रहेगा ‘एक हाथ में डंडा दूसरे में प्यार’
उन्होंने कहा कि जो पहले दिन मैने बोला था’ एक हाथ में डंडा दूसरे में प्यार तूझे क्या चाहिए बता मेरे यार’ यह आगे भी इसी प्रकार चलता रहेगा. उन्होंने अपने कार्यकाल में पकड़े गए अपराधियों और अपराधिक घटनाओं में आई कमी की पूरा श्रेय जनता को दिया है. जनता के सहयोग के बिना यह कदा भी संभव नहीं था. 

आंबेकर से शुरू हुआ बडे अपराधियों पर शिकंजा
सीपी ने हाईप्रोफाइल अपराधियों पर शिकंजा कसने की शुरुआत गैंगस्टर संतोष आंबेकर को पकड़कर की. आंबेकर का पर्दाफाश करते ही सिटी के बड़े अपराधियों पर शिकंजा कसने की कार्रवाई शुरू हुई. सीपी ने चार्ज संभालते ही संतोष आंबेकर की अपराधों की फाइल निकाली. इसमें करोड़ों की ठगी, मनीलॉड्रिंग, दुष्कर्म और अंडरवर्ल्ड से संपर्क होने समेत कई मामले दर्ज थे. एक बडा गैंगस्टर होने के कारण अधिकतर लोग उससे घबराते थे. सीपी ने उसे गिरफ्तार करने के आदेश जारी कर लोगों से उसका डर दूर करने के लिए अधनंग परिस्थिति में पुलिस स्टेशन तक उसका जूलूस निकाला था. इसके बाद उसका कच्चा चिठ्ठा जमा कर एक के बाद एक उसकी सारे अवैध धंदों को नेस्तो नाबूद कर दिया. गिरफ्तार के बाद उसकी सारी लक्जरी महंगी गाड़ियों को जब्त किया गया. इसके बाद अवैध रूप से बनाए गए उसके करीब आधे से ज्यादा घर को तोड़ दिया गया. सारी अकड़ निकालने के बाद उसको एमपीडीए लगाकर जेल रवाना किया. 

प्र्रीति, मंगेश, सैयद साहिल से तपन तक
इसके बाद उन्होंने पुलिस महकमे में रहकर नौकरी के गलाकर देने के नाम पर लोगों को लूटने वाली महा ठग प्रीति दास का पर्दा फाश किया. पुलिस अधिकारियों से पहचान होनो का धौक दिखाकर प्रीति ने कई लोगों को ठगने और पुलिस अधिकारियों को ब्लैकमेल करने पर उसे गिरफ्तार कर सलाखों के पिछे भेजा. इसी के साथ कुछ पुलिस अधिकायों की भी जमकर क्लास लगाई. प्रीति के बाद फिरौती मागने और नौकरी के नाम पर लोगों को ठगने के मामले में मंगेश कड़व को गिरफ्तार किया. इसी प्रकार जमीनों पर कब्जा करने और ब्लैकमेलिंग कर बड़े लोगों का शोषण करने वाले साहिल सैयद को गिरफ्तार कर सलाखों के पिछे भेजा. इसके बाद भी वह नहीं रूके हालही में उन्होंने अवैध साहुकारी के मामले में जीरो डिग्री बार के संचालक तपन जायसवाल को धरदबोचा.

18,289 से अधिक पर कार्रवाई
उन्होंने अपने कार्यकाल में कई अपरिधक घटनाओं को रोकने के लिए विशेष कदम उठाए. जुलाई 2018 से लेकर जुलाई 2020 तक उन्होनें हमेशा अपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वाले 50 अपराधियों पर एमपीडीए लगाकर उन्हें जेल रवाना किया. 20 से अधिक गैंगवार पर कार्रवाई करते हुए 117 आरोपियों पर मकोका लगाया. हत्या के मामले में 1121, प्रतिबंधित कार्रवाई में 16,712 आरोपियों को गिरफ्तार किया. इसी के साथ नशा मुक्त अभियान अंतर्गत कुल 195 कार्रवाई करते हुए कुल 289 आरोपियों को अरेस्ट कर उनके पास से कुल 3,81,38,766 रुपये का माल जब्त किया. इसके अलावा ऑपरेशन क्रैक डाउन, ऑपरेशन वाइप आउट, इंटिलिजंस पथक, हिट स्कॉट, ऑपरेशन स्ट्रीट ड्राईव्ह समेत अनेक अभियान के अंतर्गत अपराधियों की धरपकड की जा रही है. कुल मिलाकर सीपी के आदेश पर 18,289 से अधिक आरोपियों पर कार्रवाई की गई.