शैक्षणिक अनुसंधान क्षेत्र में बहुमूल्य योगदान देने वाली ‘डॉ. शलाका पारकर’

नागपुर. वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के कारण 25 मार्च 2020 से देश में लॉकडाउन हैं। इस दौरान सभी स्कूल, कॉलेज, कोचिंग क्लास, लायब्ररी बंद है, जिससे छात्रों का काफी नुकसान हो रहा है। इस नुकसान को कम करने के लिए कई निजी इंस्टिट्यूट ने ऑनलाइन शिक्षा का विकल्प अपनाया है। साथ ही सरकार द्वारा भी ऑनलाइन शिक्षा पर जोर दिया जा रहा है। इसी बीच नवभारत ने अपने पाठकों के लिए नवभारत Vibes (Series of Webinars) कार्यक्रम का आयोजन किया है। इस कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को कई महान हस्तियों द्वारा विभिन्न विषयों पर जानकरी देने की पहल की जा रही है। इस बार पुणे के डी. वाई. पाटिल इंस्टिट्यूट ऑफ़ एमसीए एंड मैनेजमेंट में एमबीए प्रोग्राम की डीन डॉ. शलाका पारकर   नवभारत वाइब्स में ‘कोविड-19 का शिक्षा क्षेत्र पर प्रभाव’ इस विषय पर चर्चा करने करने 30 जून को शाम 5 बजे नवभारत फेसबुक पेज (https://www.facebook.com/enavabharat) पर मौजूद होंगे। तो आइए जानते है विस्तार से डॉ. शलाका पार्कर के बारे में….  

डॉ. शलाका पारकर वर्तमान में पुणे के डी. वाई. पाटिल इंस्टिट्यूट ऑफ़ एमसीए एंड मैनेजमेंट में एमबीए प्रोग्राम के डीन के रूप में कार्यरत है। डॉ. शलाका ने पुणे विश्वविद्यालय से M.A (अंग्रेजी) की पढ़ाई की है और 1997 में इसी विषय में उन्होंने गोल्ड मेडल हासिल किया। इसके बाद उन्होंने 1998 में B. Ed किया और 2009 में HRM में PGDM और MMS पूरा किया, जहा डॉ. शलाका ने पुणे यूनिवर्सिटी में तीसरा और पांचवा स्थान हासिल किया। इसके बाद उन्होंने अपनी डॉक्टरल स्टडी शुरु की जिसका विषय था “प्राइवेट हायर एजुकेशन में अकादमिक नेतृत्व की भूमिका का एक अन्वेषणात्मक अध्ययन’। 2013 में पुणे यूनिवर्सिटी ने डॉ शलाका को पीएचडी से सम्मानित किया। 

डॉ. शलाका पिछले 22 वर्षों से शिक्षा क्षेत्र से जुडी है और प्रतिष्ठित डीवाईपी प्रतिष्ठान, अकुर्डी के साथ हैं। उनके शिक्षण के प्रमुख क्षेत्र अंग्रेजी में कम्युनिकेशन स्किल, सॉफ्ट स्किल्स, ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट एंड ओर्गनइजेशनल बिहेवियर है। एक सच्चे शिक्षाविद होने के नाते डॉ. शलाका ने शैक्षिक अनुसंधान के क्षेत्र में गहरा योगदान दिया है। साथ ही कुशल बुद्धिमत्ता और मानव संसाधन प्रबंधन क्षेत्रों में कुछ पुस्तकों का लेखन किया है। इसके आलावा उन्हें नेशनल और इंटरनैशनल जर्नल्स में 30 से अधिक रिसर्च पेपर्स का श्रेय जाता है। साथ ही वह आईजीआई ग्लोबल पब्लिकेशन की किताबों में बुक चैप्टर के लेखक और उसी के लिए संपादक भी हैं।

इसके अलावा, डॉ. शलाका ने अपने वर्तमान कार्यस्थल पर कुछ नवीन उपक्रमों की शुरुआत की है, जैसे कि भाषा प्रयोगशालाओं की स्थापना, विभिन्न विषयों के स्नातकों के लिए अंग्रेजी भाषा सीखने के बुनियादी और उन्नत मॉड्यूल तैयार करना, कर्मचारियों और छात्रों के लिए पेशेवर प्रशिक्षण आयोजित करना इस प्रकार के उपक्रम शामिल है। 

डॉ. शलाका ने डी. वाई. पाटिल अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय – महाराष्ट्र के एक निजी विश्वविद्यालय के मुख्य परियोजना सह अध्यादेशक के रूप में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसलिए शिक्षा, कौशल और अनुसंधान में बहुमूल्य योगदान के लिए 2019 में डॉ. शलाका को सेंटर फॉर एजुकेशन ग्रोथ एंड रिसर्च (CEGR) द्वारा “इनोवेटिव एकेडेमी ऑफ द ईयर अवार्ड” से सम्मानित किया गया।